मेरठ, जेएनएन। इंजीनियरिंग के छात्रों को धार्मिक शिक्षा का पाठ पढ़ाने वाले संप्रदाय विशेष के असिस्टेंट प्रोफेसर को कालेज प्रबंधन ने नौकरी से निकाल दिया। आइबी और थाना पुलिस से लेकर एएसपी तक ने उससे घंटों पूछताछ की। उसके पास से मिले मोबाइल फोन, लैपटाप और जरूरी कागजात को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।

दिल्ली-देहरादून बाईपास स्थित एमआइटी कालेज में 12 अक्टूबर को रिजवानउद्दीन शेख ने असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर ज्वाइन किया था। आरोप है कि तभी से वह छात्रों को इंजीनियङ्क्षरग की जगह धार्मिक शिक्षा का पाठ पढ़ा रहा था। छात्रावास में भी छात्रों को कुछ ऐसी ही शिक्षा दे रहा था। इसकी शिकायत कुछ छात्रों और शिक्षकों ने कालेज प्रबंधन से की थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर कालेज प्रबंधन ने उसको सोमवार को कालेज से निकाल दिया। साथ ही इसकी जानकारी इंटेलीजेंस ब्यूरो (आइबी) और पुलिस को दी। आइबी के अफसरों ने कालेज पहुंचकर जानकारी की। इसके बाद एएसपी ब्रह्मïपुरी विवेक यादव और परतापुर थाना प्रभारी भी पहुंचे। उन्होंने भी जांच-पड़ताल की। एएसपी ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला कि प्रोफेसर की मानसिक स्थिति सही नहीं है। उसका पहले भी इलाज चल रहा था। फिलहाल वह खड़ौली में किराये पर रह रहा था। स्वजन को बुलाकर उनको सौंप दिया है। साथ ही मकान मालिक को उन्हें कहीं नहीं जाने देने के लिए कहा गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

लैपटाप, मोबाइल कब्जे में लिया

पुलिस ने असिस्टेंट प्रोफेसर का मोबाइल और लैपटाप कब्जे में ले लिया है। उसकी पड़ताल के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। इसके साथ ही कुछ जरूरी कागजात भी उन्होंने लिए हैं। मीडिया कोआर्डिनेटर अजय ङ्क्षसह ने बताया कि कालेज ने ही इसकी जानकारी पुलिस को दी थी।

 

Edited By: Taruna Tayal