मेरठ,जेएनएन। दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में गैंगवार के दौरान मारे गए नितिन जाटव की अपराधिक पृष्ठभूमि पुलिस ने निकाल ली है। उसने जनपद के खरखौदा, मेडिकल और परीक्षितगढ़ थाने में वारदातों को अंजाम दिया था। परीक्षितगढ़ में डाली गई डकैती के बाद गैंगस्टर की कार्रवाई भी उस पर की गई थी।

खरखौदा के फंफूडा गाव निवासी सुरेंद्र जाटव के चार बेटे हैं। सुरेंद्र मूलरूप से बागपत जिले के रहने वाले हैं, जो पिछले बीस साल से फंफूडा में स्वजन के साथ रह रहे हैं। सुरेंद्र राजमिस्त्री का काम करते हैं। अपने बेटों को भी इसी कार्य में लगा लिया। इसी बीच उनका बेटा नितिन इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपराध की दुनिया में आ गया। सबसे पहले उसके खिलाफ खरखौदा थाने में मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें उसे बाहर से जमानत मिल गई थी। इसके बाद नितिन सेंट्रल मार्केट में चोरी की वारदात में जेल गया था। जमानत पर आने के बाद नितिन ने परीक्षितगढ़ में डकैती डाली। नितिन पर परीक्षितगढ़ थाने में गैंगस्टर का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। इसके बाद नितिन जिले को छोड़कर उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा में वारदात करने लगा था।

स्वजन को ले गई दिल्ली पुलिस की टीम

नितिन जाटव से नाम बदलकर वह राहुल और केके बन गया। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित था। शुक्रवार को मुठभेड़ में मारे जाने के बाद दिल्ली पुलिस की टीम खरखौदा के फंफूडा गाव पहुंची और नितिन के पिता सुरेंद्र और भाई को साथ ले गई। हालाकि शनिवार को कागजी कार्रवाई पूरी नहीं होने के कारण देर शाम तक स्वजन को नितिन के शव नहीं मिला। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि दिल्ली पुलिस को नितिन की अपराधिक हिस्ट्री सौंप दी है।

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