मेरठ (संतोष शुक्ल)। आयुष्मान भारत योजना अगर जमीन पर उतरी तो यह सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा में एक नई क्रांति होगी। सालभर पहले तमाम फार्मा कंपनियां जिस स्टेंट के लिए 90 से सवा लाख तक वसूलती थीं, अब वही स्टेंट सिर्फ 15 हजार में देने के लिए कतार में हैं। मेरठ में इस स्कीम के लाभार्थियों के लिए एंजियोप्लास्टी महज 50 हजार रुपये में उपलब्ध होगी। मेरठ के छह सरकारी समेत 20 अस्पताल पैनल की कतार में आ चुके हैं। वहीं जिला अस्पताल में गत दिनों मरीजों को गोल्डन कार्ड देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अब तो पूरा पैकेज ही कंट्रोल

आयुष्मान भारत के अंतर्गत चयनित ढाई लाख मरीजों के लिए अब 1632 बीमारियों का इलाज फिक्स कर दिया गया है। 23 सितंबर से योजना शुरू कर दी जाएगी। स्टेंट, सर्जरी एवं प्रसव समेत तमाम बीमारियों के इलाज का पूरा पैकेज तय कर दिया है। गुणवत्ता के लिए सरकार ने एनएबीएच प्रमाणित अस्पतालों को ही पैनल में शामिल किया है। हृदय रोगों के इलाज को 56 कटेगरी में बांटा गया है।

प्रक्रिया निर्धारित खर्च

कोरोनरी एंजियोप्लास्टी-सिंगल स्टेंट- 50, 000

पेरीफेरल एंजियोप्लास्टी विथ बैलून- 25, 000

पीडीए स्टेटिंग (बच्चा) 40, 000

पीडीए, मल्टीपल क्वायल- 20, 000

पल्मोनरी आर्टरी स्टेंटिंग 40, 000

कार्डियो थोरोसिक सर्जरी पर खर्च 50, 000

की अधिकतम सीमा

कार्डियोवस्कुलर सर्जरी पर खर्च

की अधितकम सीमा 50,000

ये हैं 11 अस्पताल

-सीएचसी सरधना, मवाना, दौराला, मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल पुरुष एवं महिला।

-निजी अस्पताल: केएमसी, लोकप्रिय, आनंद, वर्धमान, सुभारती, संतोष, यशलोक, आइआइएमटी लाइफलाइन, विजन आइ केयर, रूप नेत्रालय।

फिलहाल तो स्टेंट पर एक लाख से ज्यादा खर्च

सालभर पहले केंद्र सरकार ने स्टेंट की अधिकतम कीमत 30 हजार रुपए कर दिया, किंतु अस्पतालों ने इसकी भरपाई में आपरेशन, कैथेटर, बैलून, डाई एवं एंजियो वायर समेत अन्य इक्विपमेंट का अलग-अलग खर्च बढ़ाकर बिल 90 हजार से 1.25 लाख रुपए तक पहुंचा दिया।

ये हैं अब भी बड़े खर्चे

-कैथेटर-करीब 5000 रुपए

-एंजियो वायर-2000 रुपए

-बैलून-करीब 10, 000 रुपए

इससे बंद नसों को फुलाते हैं, जिससे रक्त प्रवाह दुरुस्त हो जाता है।

-बेड जार्च-दो दिन-करीब 8000

-दवाइयां-करीब 10, 000

-स्टेंट-30, 000

इन हालात में ही स्टेंट की जरूरत

-दवा से नियंत्रित न होने वाली क्रांनिक एंजाइना में।

-अस्थिर एंजाइना पेन।

-हार्ट अटैक में।

-टीएमटी पाजिटिव में।

सीएमओ डा. राजकुमार का कहना है कि आयुष्मान भारत के जिले में करीब 2.50 लाख लाभार्थी हैं। 23 सितंबर से योजना लागू होगी, जिससे अब तक करीब 20 अस्पताल जुड़ चुके हैं। 13 अस्पतालों की निरीक्षण रिपोर्ट को शासन ने पास कर दिया है। स्टेंट लगवाना करीब 50 फीसद और सस्ता होगा।

वरिष्ठ कार्डियोलाजिस्ट डा. राजीव अग्रवाल का कहना है कि आयुष्मान योजना अव्यावहारिक एवं जबरन थोपी प्रतीत होती है। इसमें मेडिकोलीगल का कोई जिक्र नहीं है। पैकेज का टाइम तय नहीं किया गया है। सरकार यह भी तय सुनिश्चित करे कि किसी डाक्टर पर कोई मुकदमा न दर्ज हो। सरकारी अस्पतालों को सरकार अपग्रेड करती तो निजी चिकित्सा भी सस्ती हो जाती।

कैसे मिलेगा इलाज

आयुष्मान बीमा योजना के तहत बीपीएल कार्ड वाले मरीज को संबंधित अस्पताल में भर्ती होने के बाद अपने बीमा दस्तावेज देने होंगे, जिसके आधार पर अस्पताल इलाज के खर्च के बारे में बीमा कंपनी को सूचित कर देगा और बीमित व्यक्ति के दस्तावेजों की पुष्टि होते ही इलाज बिना पैसे दिए हो सकेगा।

Posted By: Jagran