यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 30, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हाजी इकबाल की जब्त होगी 21 करोड़ की बेनामी संपत्ति, प्रदेश की सबसे बड़ी जब्तीकरण की कार्रवाई
सहारनपुर से बसपा के पूर्व एमएलसी रहे हाजी इकबाल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय मायावती सरकार में शुगर मिलों की बिक्री ...और पढ़ें

सहारनपुर, जागरण संवाददाता। सहारनपुर पुलिस ने हाजी इकबाल की बेनामी संपत्तियों को जब्त करने की रणनीति बना ली है, जो उसके नौकर के नाम से है। एसएसपी आकाश कुमार ने बताया कि हाजी इकबाल ने अपने नौकर नसीम पुत्र अब्दुल गफ्फार उर्फ गफ्फूर निवासी मिर्जापुर को भी करोड़ों की संपत्ति का मालिक बना रखा है। नसीम के नाम 21 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। इन संपत्तियों को 14 (1) गैंगस्टर अधिनियम के तहत जब्त किया जाएगा। सभी संपत्तियों को चिह्नित कर लिया गया है, जो नौकर के नाम से मिर्जापुर क्षेत्र के शाहपुर गाड़ा, फतेहपुर टांडा व सफीपुर गांव में जमीन व बाग है। गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहे नसीम को मिर्जापुर पुलिस ने 21 अप्रैल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब पुलिस उसके नाम दर्ज जमीन पर जब्ती की कार्रवाई करने जा रही है। एसएसपी के मुताबिक प्रदेश की अब तक की यह सबसे बड़ी जब्तीकरण की कार्रवाई होगी।
कौन हैं हाजी इकबाल
सहारनपुर से बसपा के पूर्व एमएलसी रहे हाजी इकबाल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय मायावती सरकार में शुगर मिलों की बिक्री घोटाले से जुड़ी जांच कर रही है। सीबीआइ ने साल 2019 में हाजी इकबाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी। वर्तमान में वह 700 एकड़ में बनी ग्लोकल यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं।