मेरठ, जेएनएन । हाजी गल्ला ने पिछले 25 सालों में करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। मेरठ में पूर्व में तैनात रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 1995 में गल्ला ने दिल्ली रोड पर वाहनों की रिपेयरिंग का काम शुरू किया था। यह दुकान सोतीगंज में थी। धीरे-धीरे गल्ला वाहन मिस्त्री से कबाड़ी बन गया। गल्ला ने सोतीगंज और सदर बाजार इलाके में दो आलीशान मकान बना लिए। पाच साल पहले पटेलनगर में कोठी खरीदी। वहीं, गल्ला के उत्तराखंड में भी संपत्ति खरीदने की बात सामने आई है। उसके कुछ प्लाट सदर बाजार इलाके में भी हैं, जिनमें ऊंची चारदीवारी कर गोदाम बना रखे हैं।

अफसरों को भी दे चुका है धमकी

2015 से पहले पुलिस ने गल्ला के घर कभी दबिश तक नहीं दी। इसकी वजह थी सत्ताधारी नेताओं से उसकी साठगाठ। सोतीगंज में कबाड़ियों की 500 से ज्यादा दुकानें हैं। चर्चा रही कि पिछली सरकार में गल्ला ने सत्ताधारी नेता से साठगाठ कर रातोंरात इंस्पेक्टर और एक उच्च अधिकारी का तबादला करा दिया था। वह थानों में खुलेआम कहता था कि उस पर हाथ डालने का मतलब है मेरठ से तबादला। आखिरकार छह साल पहले तत्कालीन एएसपी अभिषेक सिंह ने उसको जेल भेजा। इसके बाद उसने चोरी के वाहनों को काटने का स्थान बदल दिया। उसने सोतीगंज के बजाए अन्य स्थानों पर अपने गोदाम बना लिए थे।

गैंगस्टर में जेल जा चुके बेटे

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने सोतीगंज में अवैध वाहन कटान के धंधे की कमर तोड़ने के लिए हाजी गल्ला और उसके बेटों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की है। तब से गल्ला और उसके बेटे जेल में हैं। एसएसपी ने बताया कि गल्ला की संपत्ति की फाइल वाणिज्य कर विभाग को भी भेज दी है। विभाग ने उसको नोटिस भेजकर जवाब मागा है।

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