गुर्जर समाज की पहल! मृत्युभोज पर पाबंदी, डीजे के चलन पर रोक और लड़कियों के माता पूजन की परंपरा पर विराम
मेरठ के दौराला में गुर्जर जन जागृति सम्मेलन में समाज सुधार के अहम फैसले लिए गए। मृत्यु भोज, डीजे के ...और पढ़ें

गुर्जर जन जागृति सम्मेलन में समाज की कुरीतियों को दूर करने का आह्वान करते सरधना विधायक अतुल प्रधान। जागरण
HighLights
सम्मेलन में मृत्यु भोज पर पाबंदी लगाने का हुआ अहम निर्णय।
शादी-विवाह में डीजे के चलन पर रोक लगाई गई।
लड़कियों के माता पूजन की परंपरा समाप्त करने पर सहमति।
संवाद सूत्र, दौराला (मेरठ)। नंगली आजड़ गांव में शनिवार को संयुक्त गुर्जर परिसंघ के तत्वावधान में भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर गुर्जर जन जागृति सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। इनमें मृत्यु भोज बंद करने, शादी-विवाह सहित सामाजिक कार्यक्रमों में डीजे का चलन समाप्त करने और लड़कियों के माता पूजन की परंपरा बंद करने पर सहमति बनी। इसके अलावा बागड़ की जात पर होने वाले डीजे कार्यक्रमों पर भी रोक लगाने का निर्णय लिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरधना विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि समाज की तरक्की के लिए कुरीतियों को दूर करना जरूरी है। संयुक्त गुर्जर परिसंघ इसी दिशा में काम कर रहा है। समाज को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पूर्वजों ने सीमित संसाधनों और सुविधाओं के बावजूद संघर्ष कर समाज को इस मुकाम तक पहुंचाया है। हमें अपने माता-पिता का आदर और सम्मान करना चाहिए।
समाज के लोगों को दूसरी बिरादरियों के साथ भी मिलजुलकर रहना और काम करना चाहिए। सपा के वरिष्ठ नेता कर्मवीर गुमी ने समाज में दहेज प्रथा पर अंकुश लगाने की जरूरत बताई। दिनेश गुर्जर ने राजनीतिक भागीदारी पर चर्चा करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को ऐसे लोगों को आगे बढ़ाना चाहिए, जो नशे से दूर हों और समाज के प्रति जिम्मेदारी समझते हों। सम्मेलन में राजनीतिक टिप्पणी को लेकर कुछ देर चर्चा भी हुई।
धर्मेंद्र मलिक के भाजपा को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा और बजरंग दल से जुड़े बलराज डूंगर ने आपत्ति जताई। इस पर अतुल प्रधान ने सभी से सामाजिक मुद्दों पर चर्चा केंद्रित रखने और राजनीतिक बातें नहीं करने की अपील की। सम्मेलन में वक्ताओं ने शिक्षा, एकजुटता और आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। अंत में उपस्थित लोगों ने सामाजिक कुरीतियों को समाप्त कर समाज को नई दिशा देने की शपथ ली। अध्यक्षता संत कुमार भारती और तेजपाल ने की, जबकि संचालन नवाब सिंह लखवाया ने किया। इस दौरान डा. अखिलेश गुर्जर, बलराज डूंगर, बाबू सिंह, सीमा प्रधान आदि मौजूद रहे।