जागरण संवाददाता, मेरठ। बच्चों के अभिभावकों को वैक्सीन लगवाने को जागरूक व प्रेरित करने के लिए मेरठ के वेद इंटरनेशनल स्कूल ने इस सत्र में डेढ़ करोड़ रुपए तक की फीस में छूट देने की घोषणा की है। यह छूट कक्षा एक से बारहवीं तक के बच्चों को दी जाएगी, जिसमें स्कूल की फीस में 5 से 8 महीने तक की छूट की घोषणा की गई है। गुरुवार को होटल ओलिविया में आयोजित प्रेस वार्ता में स्कूल के चेयरमैन अजीत कुमार ने बताया कोविड के कारण अभिभावकों की रोजी-रोटी पर काफी असर पड़ा है। इसीलिए स्कूल ने इस सत्र में यह छूट देने का निर्णय लिया है जिससे अभिभावकों को लाभ मिल सके और जो अभिभावक बच्चों का प्रवेश करने से कतरा रहे हैं, वह बच्चों को स्कूल में दाखिला करा सकेंगे। इसके साथ ही अभिभावक वैक्सीन लगाने के प्रति भी जागरूक करने की कोशिश की जा रही है। छूट उन्हीं बच्चों को मिलेगी जिनके माता-पिता ने वैक्सीन लगवाई हो। इनमें वर्तमान में स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावक के साथ ही नए प्रवेश लेने वाले बच्चों के अभिभावक भी भी हो सकते हैं। जो पहले फीस जमा कर चुके हैं वह चाहे तो अतिरिक्त फीस वापस भी ले सकेंगे या अगले सत्र में फीस को एडजस्ट कर सकेंगे।

बाहरी सर्वर पर नहीं डाला बच्चों का डाटा

अजीत कुमार ने बताया लॉकडाउन लगने के बाद ऑनलाइन क्लास कराने के लिए उपलब्ध मोबाइल एप व अन्य संसाधनों का इस्तेमाल स्कूल में इसलिए नहीं किया क्योंकि उनमें बच्चों का डाटा निजी कंपनियों के सरवर पर डालना पड़ता। गूगल मीट, जूम, माइक्रोसॉफ्ट सभी पर पंजीकरण कराने से पहले या मोबाइल ऐप डाउनलोड करने से पहले मोबाइल में व्याप्त डाटा फोन नंबर, फोटो आदि एक्सेस करने की परमिशन देनी पड़ती। इसीलिए स्कूल प्रबंधन ने स्कूल की वेबसाइट को विकसित किया और वहीं से ऑनलाइन क्लास की हर सुविधा बच्चों को दी जा रही है। इससे स्कूल का डाटा व बच्चों का डाटा स्कूल के पास ही सुरक्षित है और कहीं भी किसी भी निजी कंपनी या मोबाइल ऐप से बच्चों को नहीं जोड़ा गया है। यह व्यवस्था लागू करने में अभिभावकों ने भी हर तरह से मदद की है।

लोन लेकर देर रहे वेतन

एडवोकेट अजीत कुमार ने बताया कि कोविड-19 में फीस न मिलने के कारण सभी स्कूलों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। स्कूल बंद होने के बाद भी बिजली का बिल देना ही पड़ रहा है। इसके अलावा लोन पर लिए गए बसों की किस्त व अन्य कर भी बदस्तूर देने पड़ रहे हैं। इसके साथ ही स्कूल संचालन के लिए और शिक्षकों का वेतन देने के लिए लोन लेना पड़ा है जिसे बाद में चुकता किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिक्षकों का सहयोग होने के कारण शिक्षकों को भी कुछ कम वेतन दे रहे हैं, लेकिन डेढ़ साल से लगातार सभी शिक्षकों, कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार को स्कूलों की आर्थिक मदद करनी चाहिए जिससे स्कूल महामारी के दौर में बंद होने से बच सकें। बताया कि शहर के 50 से अधिक स्कूल ऐसे हैं जो महामारी की चोट से पस्त हैं और बंद होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। सरकार से शिक्षकों के वेतन भी मिल जाएं तो स्कूल प्रबंधन भी थोड़ी मेहनत कर संचालन का काम आसानी से कर सकेंगे।

इस तरह कक्षावार दी जाएगी छूट

वेद इंटरनेशनल स्कूल की ओर से सत्र 2021-22 में वैक्सीन लगवाने वाले अभिभावकों के बच्चों को 5 से 8 महीने तक की छूट फीस में दी जा रहा है। यह छूट 42 से 67 फीसद तक का है। स्कूल में कक्षा नर्सरी से यूकेजी में 8 महीने तक कि फीस यानी 67 फीसद छूट दी जा रही है। स्कूल की कुल फीस में 13,200 छोड़कर अभिभावकों को 6,600 ही देना होगा। कक्षा 1 व 2 में 6 महीने की छूट है। इसमें 50 फीसद फीस माफ की जा रही है। अभिभावकों को 11,550 ही देने होंगे। कक्षा 3-4 में भी 50 फीसद छूट के साथ 12,600 देने होंगे। कक्षा 5 और 6 में भी 50 फीसद यानी 6 महीने की छूट के साथ 13,200 फीस लगेंगे। कक्षा सात आठ में 6 महीने की फीस यानी 50 फीसद छूट होगी और 14,100 फीस लगेंगे। कक्षा नौवीं दसवीं में 5 महीने की फीस में छूट मिलेगी। 42 फीसद फीस छूट के बाद छात्र की फीस 20,300 होगी। कक्षा 11वीं-12वीं विज्ञान वर्ग में 5 महीने की छूट के बाद 42 फीसद छूट मिलेगी और अभिभावक को 24,500 जमा करने होंगे। वही कक्षा 11वीं 12वीं वाणिज्य वर्ग में भी 5 महीने और 42 फीसद छूट के बाद 22,400 जमा कराने होंगे। स्कूल प्रबंधन का कहना है जो अभिभावक छूट के बाद एकमुस्त फीस देना चाहेंगे, दे सकते हैं यदि इसके बाद भी किसी को परेशानी हो और किस्तों में फीस जमा कराना चाहें तो वह सुविधा भी प्रदान की जाएगी।