मेरठ, जेएनएन। मंडल के जिलों में प्रस्तावित और निर्माणाधीन एक्सप्रेस वे और हाईवे के समीक्षा कमिश्नर ने वर्चुअल माध्यम से की। बैठक के दौरान वन विभाग के चार अधिकारी गैर हाजिर रहे, जिनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया। साथ ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर मिटटी कटान होने से नाराज कमिश्नर ने संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।

वर्चुअल समीक्षा बैठक में कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह द्वारा की गई समीक्षा में सामने आया कि गाजियाबाद एवं बागपत में वन विभाग से आपत्ति और स्वीकृति आदि कार्यो को अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया है। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जाहिर करते हुए सुधार के लिए निर्देशित किया। साथ ही सुधार न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उधर, समीक्षा बैठक से डीएफओ मेरठ, डीएफओ बागपत, डीएलएम मेरठ और मुख्य वन संरक्षक मेरठ गायब रहे। इस कारण संबंधित बिंदुओं पर जवाब भी प्राप्त नहीं हो सका। कमिश्नर ने गैर मौजूद रहने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया। ऐसे ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर हुए मिट्टी कटान को लेकर भी कमिश्नर नाराज हुए और एनएचएआइ के अधिकारियों को संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी करने के साथ कार्रवाई के लिए भी निर्देशित किया। साथ ही एक्सप्रेस वे पर जहा रिपेयर वर्क चल रहा है, वहा सुरक्षा मानकों के अनुरूप कार्य कराने प दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए समुचित कार्रवाई करने को निर्देशित किया है।

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मेरठ-गढ़ हाईवे पर एक किनारे पर होगा पेड़ों का कटान

बैठक में कमिश्नर ने मेरठ-गढ़ हाईवे 709ए की समीक्षा करते हुए कहा कि चौड़ीकरण के लिए हाईवे के एक किनारे के ही वृक्ष काटे जाएं। पुराने वृक्षों को कम से कम क्षति किया जाएगा। इसी प्रकार जो पेड़ ट्रास प्लाट कर कहीं और स्थापित किए जा सकते हैं, उनको किसी भी दशा में काटा ना जाए।

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अभियान चलाकर हटाएं अतिक्रमण

एक्सप्रेस वे और हाईवे के किनारे लगे अवैध होर्डिग, दुकान व ढाबों के साथ अन्य प्रकार के अतिक्रमण को अभियान चलाकर हटाया जाए। मेरठ-बिजनौर मार्ग पर हो रहे गढडों की मरम्मत कराने को लेकर निर्देश दिए।

Edited By: Jagran