मेरठ । इससे पहले कि शुगर महामारी का रूप ले, भारतीय चिकित्सक इसकी नियंत्रण रेखा खींचेंगे। भारत की करीब 40 फीसद आबादी शुगर की चपेट में आ चुकी है, जबकि इसमें दो तिहाई को अपनी बीमारी की जानकारी ही नहीं है। शुगर से निजात के लिए होटल ब्रावरा में एक मार्च से राज्यस्तरीय सम्मेलन आयोजित होगा। देशभर से आठ से ज्यादा फिजीशियन शिरकत कर चिकित्सा विज्ञान की आधुनिक उपलब्धियों के बारे में बताएंगे। इसी कड़ी में गुरुवार को आइएमए हॉल में सुबह 11 बजे शुगर पर एक पब्लिक लेक्चर भी होगा।

आइएमए हॉल में बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में डा. अदीप मित्रा, डा. एसपी सोंधी, डा. राकेश एरन व डा. वीरोत्तम तोमर ने प्रेस वार्ता कर बताया कि आरएसएसडीआइ संस्था-'शोध करने वाली संस्था' एक से तीन मार्च तक मेरठ में शुगर पर वर्कशाप आयोजित करेगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चिकित्सा शिक्षा के महानिदेशक डा. केके गुप्ता होंगे। इसमें यूएसए के पूर्व राष्ट्रपति के निजी चिकित्सक डा. वेंकट राम, सिंगापुर के विजय शर्मा, अहमदाबाद के बैरियाट्रिक सर्जन डा. महेंद्र नरवारिया समेत सैकड़ों अन्य शामिल हैं। शहर में तमाम वरिष्ठ चिकित्सक डा. राजीव अग्रवाल, डा. दिनेश अग्रवाल, डा. तनुराज सिरोही समेत कई अन्य भी कार्यक्रम की सफलता के लिए विशेषज्ञों से संपर्क साध रहे हैं। स्वच्छता मित्रों की चिकित्सा और बेटी की पढ़ाई को मिलेगा धन

मेरठ । स्वच्छता मित्रों की बेटियों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए बजट में धन आरक्षित किया गया है। यही नहीं स्वच्छता मित्रों के चिकित्सा परीक्षण के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2018-19 के पुनरीक्षित बजट के अनुसार नगर निगम में कार्यरत स्वच्छता मित्रों की बालिकाओं की शिक्षा के लिए 25 लाख रुपये आरक्षित की गई है। कक्षा नौ से कक्षा 12 तक पढ़ाई करने वाली छात्रा को 500 रुपये प्रतिमाह और स्नातक कोर्सो में अध्ययन के लिए 750 रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं सभी स्थाई व अस्थाई स्वच्छता मित्रों का वर्ष में दो बार पूर्ण चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा। जिससे रोगों की पहचान समय से की जा उसे और उस आधार पर इलाज की सुविधा दी जा सके। इसके लिए 10 लाख रुपये बजट में रखा गया है।

Posted By: Jagran

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