मुजफ्फरनगर, जागरण संवाददाता। भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी में सेंध लगाकर गठबंधन को झटका दे दिया। गठबंधन प्रत्याशी सौरभ स्वरूप के भाई और समाजवादी पार्टी से दो बार चुनाव लड़ चुके गौरव स्वरूप ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। इतना ही नहीं पूर्व विधायक मिथलेश पाल ने भी सपा छोड़कर भगवा चोला धारण कर लिया। दोनों को पार्टी ज्वाइन कराकर भाजपा ने एक तीर से दो निशाने लगाकर सपा-रालोद गठबंधन के साथ-साथ बहुजन समाज पार्टी को भी सकते में डाल दिया है।

पूर्व मंत्री चितरंजन स्वरूप के दोनों बेटे गौरव स्वरूप और सौरभ स्वरूप मुजफ्फरनगर शहर विधानसभा से टिकट मांग रहे थे। इनके अलावा सपा नेता राकेश शर्मा भी टिकट की कतार में थे। आखिर में सपा-रालोद गठबंधन ने गौरव स्वरूप को दरकिनार कर सौरभ स्वरूप को प्रत्याशी बना दिया। सपा नेता सौरभ स्वरूप को रालोद के ङ्क्षसबल पर चुनाव मैदान में उतारा गया। टिकट कटने के बाद जहां राकेश शर्मा के समर्थकों ने नाराजगी जताई, वहीं गौरव खफा हो गए। इसी का फायदा भारतीय जनता पार्टी ने उठाया और शनिवार को लखनऊ में गौरव को पार्टी में शामिल कर लिया। गौरव पिता चितरंजन स्वरूप के निधन के बाद रिक्त हुई सीट पर 2016 में विधानसभा उपचुनाव लड़े और करीब 60000 मत प्राप्त किए। इसके बाद 2017 में फिर सपा के ङ्क्षसबल पर चुनाव लड़े और 88,000 हजार मत हासिल किए। गौरव सपा के जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

उधर, समाजवादी पार्टी को छोड़कर पूर्व विधायक मिथलेश पाल ने भी भाजपा में आस्था जताई। मिथलेश पाल दो बार जिला पंचायत सदस्य रहीं, जबकि 1996 में बसपा से मुजफ्फरनगर सदर से चुनाव लड़ीं। इसके बाद वह 2002 में विधानसभा चुनाव लड़ी, जबकि 2009 में मोरना से रालोद के ङ्क्षसबल पर उप चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची। वर्ष 2010 से 2017 तक रालोद महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रहीं, जबकि 2012 में रालोद से विधानसभा चुनाव लड़ीं। 2016 में रालोद से उपचुनाव सदर विधानसभा, 2017 में मीरापुर विधानसभा से, 2017 में नगर पालिका परिषद चुनाव सपा से लड़ीं। भाजपा के इस कदम को बहुजन समाज पार्टी से पाल समाज के पुष्पांकर पाल को प्रत्याशी बनाने से हो रहे डैमेज को कंट्रोल करने के नजरिए से देखा जा रहा है।

कोई जाए फर्क नहीं पड़ता : अखिलेश

गौरव स्वरूप के भाजपा में जाने के सवाल पर संयुक्त प्रेस वार्ता में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यह चुनाव का समय है। चुनाव में लोग अपने हिसाब से आते-जाते रहते हैं। किसी के जाने से सपा पर कोई फर्क नहीं पड़ता। सपा नेता राकेश शर्मा को टिकट नहीं मिलने से ब्राह्मण समाज की नाराजगी पर अखिलेश यादव ने कहा कि वह राकेश शर्मा को समझा लेंगे।

Edited By: Taruna Tayal