मेरठ, जेएनएन। भारतीय स्टेट बैंक में फर्जी अभिलेखों के आधार पर लोन स्वीकृत कर बैंककर्मी धनराशि हड़प गए। ईओडब्ल्यू ने पूर्व बैंक मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अभी तक पुलिस आठ अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।

फर्जी कागजात पर पास कराया लोन
ब्रह्रमपुरी थाने में 2010 में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया। भारतीय स्टेट बैंक के तत्कालीन मैनेजर एमएल बंसल, फील्ड अफसर श्याम सुंदर तथा कार्तिक फाइनेंस कंसलटेंसी के संचालक अमित शर्मा पर आरोप था कि 2004 से 2007 तक फर्जी कागजात के आधार पर लोन स्वीकृत कर दिया।

26 आरोपित सामने आए
इसके बाद मिलीभगत कर लोन की राशि डकार गए। शासन के आदेश पर विवेचना को ईओडब्ल्यू को दी गई। इंस्पेक्टर उदल सिंह की विवेचना में 26 आरोपित प्रकाश में आए हैं। बैंक में फर्जी परिचय पत्र, फार्म-16, नौकरी में न होते हुए भी नौकरी प्रमाण पत्र, वेतन स्लिप लगाकर एसबीआइ की ब्रह्रमपुरी शाखा से लाखों रुपये का लोन दिया गया। उसके बाद रकम वापस नहीं की गई। पुलिस की जांच में अधिकतर अभियुक्त अपने अपने पतों से गायब मिले। आठ अभियुक्तों की जानकारी मिलने के बाद विवेचक ने उनके खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। शनिवार को ईओडब्ल्यू की टीम ने के ब्लाक शास्त्रीनगर से बैंक मैनेजर कृष्ण कुमार मित्तल को गिरफ्तार कर लिया।

Posted By: Prem Bhatt

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