मेरठ,जेएनएन। हरिद्वार से चार लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने से शनिवार को हस्तिनापुर खादर व परीक्षितगढ़ में बाढ़ की संभावना पैदा हो गई है। इसको लेकर पुलिस-प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड़ में आ गया। एडीएम एफ सुभाष प्रजापति ने तहसील पहुंचकर आलाधिकारियों के साथ लेखपालों के साथ बैठक की और बाढ़ से निपटने के लिए इंतजाम करने के निर्देश दिए। साथ ही बाढ़ चौकिया सक्रिय कर दी गई और कंट्रोल रूम शुरू किया गया है। जो 24 घंटे सक्रिय रहेगा।

पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश होने और हरिद्वार से गंगा में पानी छोड़ने से हस्तिनापुर में बाढ़ की संभावना बढ़ जाती है। जबकि इस बार यह स्थिति समय से पहले शुरू हो गयी। हरिद्वार से चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जिले के साथ तहसील प्रशासन सतर्क हो गया। एडीएम एफ सुभाष प्रजापति शनिवार दोपहर को तहसील परिसर में पहुंचे। उन्होंने लेखपालों को गांव वार अलर्ट रहने की हिदायत दी। वहीं, छह बाढ़ चौकियों को भी सतर्क किया गया। जिसपर एक साथ दो लेखपालों की 12-12 घंटे की ड्यूटी रहेगी। वहीं, इसके साथ सुरक्षा व बचाव संबंधित कार्ययोजना पर चर्चा की। वहीं, बाढ़ कंट्रोल रूम को तत्काल प्रभाव से सक्रिय कर टेली फोन नंबर 01233-274242 जारी कर दिया। यह 24 घंटे खुलेगा। वहीं बाढ़ चौकियों पर पर्यवेक्षक के रूम में नायब तहसीलदार उदयवीर सिंह, तहसीलदार अजय उपाध्याय रहेंगे।

-यह बाढ़ चौकिया हुई सक्रिय

गंगा खादर क्षेत्र में छह बाढ़ नियंत्रण चौकी बनाकर उनके लेखपाल तैनात कर दिये गए हैं। गांव तारापुर, लतीफपुर, दूधली खादर, किशोरपुर, नीमका और आसिफाबाद में बाढ़ चौकी सक्रिय की गईं हैं। इनपर सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक दो-दो लेखपाल तैनात रहेंगे।

-बाढ़ से बचाव को ट्यूब व कनस्तरियां भी पहुंचाईं

बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान पहुंचाने के लिए हवा भरी ट्यूब, प्लास्टिक की कनस्तरियां व टार्च तहसील परिसर में बने स्टोर से ट्रैक्टर-ट्राली में रखकर बाढ़ चौकियों पर भिजवाई गई हैं। कनस्तरियों की संख्या 50 से अधिक थी और सील बंद थी। एडीएम ने बताया कि गहरे पानी में भी इसे पकड़कर व्यक्ति आराम से तैर सकता है।

इन्होंने कहा..

पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से गंगा का जल स्तर बढ़ा है। हस्तिनापुर व परीक्षितगढ़ में बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी हैं और तहसील में कंट्रोल रूम भी खोल दिया है। गांवों में सभी को अलर्ट कर दिया है।

सुभाष प्रजापति,

एडीएम एफ मेरठ।

Edited By: Jagran