मेरठ, जेएनएन। एक बार फिर कोविड-19 का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। जिसकी वजह से शहर में नाइट कर्फ्यू लगाना पड़ा है। कोरोना वायरस से बचने के लिए इस बार हमारे पास वैक्सीन है, तो साथ ही मास्क और दो गज दूरी रखने का मंत्र भी है। पिछले साल कोविड के दौरान लोगों ने अपने शरीर को बाहर से लेकर आंतरिक रूप से मजबूत रखने के लिए योग का अभ्यास भी करने लगे। इसके बाद से योग, प्राणायाम और ध्यान उनकी दिनचर्या में शामिल भी हो चुका है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी है जो पिछले कई साल से योग का अभ्यास करके खुद को पूरी तरह से फिट रखे हुए हैं। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में चीफ वार्डन प्रोफेसर पीके शर्मा नियमित रूप से योग का अभ्यास करते हैं। जिससे वह दिन भर की थकावट को पूरी तरह से दूर कर लेते हैं।

सुबह छह बजे उठ जाते हैं

प्रो. पीके शर्मा सुबह छह बजे बिस्तर छोड़ देते हैं, रात में 11 बजे के करीब वह सोने चले जाते हैं। अमूमन उनकी दिनचर्या सोने और उठने की यही रहती है। सुबह उठने के बाद फ्रेस होकर एक कप चाय के साथ वह अखबार पढ़ते हैं। फिर 35 से 40 मिनट तक वह योगाभ्यास करते हैं। योग की क्रियाओं में वह अनुलोम - विलोम, कपालभाति, उज्जयी प्राणायाम करते हैं। साथ ही लंबे समय तक शीर्षासन का अभ्यास करते हैं। दिन भर की थकावट के बाद वह शाम को आने के बाद व्रजासन में बैठकर पीछे की तरफ लेट जाते हैं, इससे सारी थकावट दूर हो जाती है।

दिन भर रहती है ताजगी

प्रो. पीके शर्मा बताते हैं कि नियमित अभ्यास करने से दिन भर ताजगी बनी रहती है। तनाव, ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। दिन भर काम करने में उत्साह बना रहता है। वह बताते हैं कि योग अभ्यास के साथ शाम को कभी कभी वह परिसर में ही पत्नी के साथ वाक भी करते हैं। वह छात्रों को भी नियमित रूप से योग का अभ्यास करने के लिए प्रेरित भी करते हैं। ताकि बीमारियों से बचाव किया जा सके। 

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