मेरठ, जेएनएन। खराब जीवनशैली और खानपान की वजह से लोग किसी न किसी बीमारी की चपेट में कभी न कभी आ ही जाते हैं, एक बीमारी फैटी लीवर भी है। यह बीमारी तभी होती है। जब वसा की मात्रा लीवर के भार से दस प्रतिशत ज्यादा हो जाती है। ऐसे में लीवर सामान्य रूप से कार्य करने में असमर्थ हो जाता है। इस बीमारी से बचाव के लिए सबसे जरूरी है, खानपान में बदलाव। कुछ ऐसे हेल्दी फूड है। जिनका सेवन करने से इस बीमारी से आसानी से बचाव किया जा सकता है।

लीवर के लिए हेल्दी फूड

गिलोय को सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, यह एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी भी है। जिसका इस्तेमाल लीवर को हेल्दी रखने के लिए किया जा सकता है। गिलोय न केवल डाइजेशन को मजबूत करता है, बल्कि लीवर के बोझ को भी कम करता है। इसके साथ ही जिन लोगों को फैटी लीवर की समस्या है। उनके लिए यह काफी असरदार है। गिलोय लीवर से टाक्सिस को बाहर निकालने में मदद करता है।

आंवले में एंटी आक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होता है। इस वजह से यह लीवर को तेजी से काम करने में मदद करता है। खानपान विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रतिदिन तीन से चार कच्चे आंवले खाने से फैटी लीवर से परेशान लोगों को आराम मिलता है। इसके साथ ही आंवले की चटनी और जूस का सेवन भी काफी फायदेमंद है।

जो लोग फैटी लीवर की बीमारी से लंबे समय से परेशान है। उनके लिए काफी भी पीना भी फायदेमंद है। काफी लीवर में जमा होने वाले वसा को कम करने में मदद करती है। इसके साथ ही क्रानिक लीवर डिजीज और कैंसर के जोखिम को भी काफी कम करती है।

इसके अलावा फैटी लीवर वाले लोगों को भोजन में दलिया अवश्य शामिल करना चाहिए। यह पेट संबधी बीमारियों को ठीक करता है, और पाचन क्रिया को भी सुचारू रखता है।

इन्‍होंने बताया...

यदि खानपान और दिनचर्या को ठीक रखा जाए तो कई बड़ी बीमारियों से आसानी सक बचा जा सकता है। कोरोना काल में लोग खानपान को लेकर काफी सतर्क हो गए है। साथ ही उनकी जीवनशैली में भी बदलाव आ रहा है। यह अच्छे संकेत है कि लोग अब उचित जीवनशैली और खानपान के लिए जागरूक हैं।

-डा. भावना गांधी खानपान विशेषज्ञ मेरठ 

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