मेरठ,जेएनएन। कुशावाली गांव में बुधवार को अमृत महोत्सव अभियान के तहत चिराग कृषि फार्म स्थित कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान बासमती चावल की खेती, गन्ना उत्पादन, दुग्ध उत्पादन, कीटनाशक के इस्तेमाल आदि पर विस्तार से चर्चा कर प्रकाश डाला।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि एपिडा वैज्ञानिक डा. रितेश शर्मा ने बताया कि भारत ने कोरोना काल में बासमती चावल का देश विदेश में बड़ी मात्रा में निर्यात किया है। उन्होंने क्षेत्र के किसानों व फार्म हाउस संचालकों को बासमती खेती की उत्पादन पर बल देने का आह्वान किया। कहा कि किसानों को खेती में अधिक रासायनिक खादव कीटनाशक के प्रयोग से बचना चाहिए। इसके अलावा कृषि विश्वविद्यालय संयुक्त निदेशक डा. गोपाल सिंह ने बासमती की खेती पर प्रकाश डाला और खेती के दौैरान आने वाली समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की और किसानों से मशरूम की खेती की पैदावार बढ़ाने पर बल दिया।

इसके अलावा उन्होंने खाद व बीज पर किसानों को मिलने वाले अनुदान के बारे में बताया। उन्होंने पशुओं में पनपने वाले रोग व दुग्ध उत्पादन की तकनीक के बारे में बताया। जिला विकास प्रबंधक रुचित उप्पल, उप कृषि निदेशक डा. बृजेश कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र हस्तिनापुर के प्रभारी वैज्ञानिक डा. ओमवीर सिंह, गन्ना उत्पादन अधिकारी डा विकास मलिक, डा. आशीष त्यागी, डा. अमित कुमार, एफपीओ की डायरेक्टर डा. नीरजा शर्मा आदि ने किसानों को जानकारी दी। इस दौरान विनोद सैनी, विनय सैनी, श्याम वीर सैनी, राम प्रताप, रमेश कुमार, अवनीश कुमार, धर्मवीर सिंह, देवेंद्र शर्मा, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।

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