Move to Jagran APP

Farmer Protest: वीके सिंह बोले- सेना से अधिक किसानों पर खर्चा, 'किसानों को सब्सिडी और स्वनिधि योजना पर खर्च होता है GDP का 2.4 प्रतिशत

Farmer Protest News वीके सिंह ने कहा कि मोदी सरकार किसानों के हितों के लिए कार्य कर रही है। किसान आंदोलन के नेता मांग कर रहे हैं कि विदेश से सभी तरह का निर्यात समाप्त कर दिया जाए वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन को छोड़ दिया जाए यह कैसे मुमकिन है। सेना पर जीडीपी का खर्च केवल 1.9प्रतिशत ही है वहीं किसानों पर 2.4 प्रतिशत है।

By Jagran News Edited By: Abhishek Saxena Published: Tue, 20 Feb 2024 01:33 PM (IST)Updated: Tue, 20 Feb 2024 01:33 PM (IST)
Farmer Protest: वीके सिंह बोले- सेना से अधिक किसानों पर खर्चा, 'किसानों को सब्सिडी और स्वनिधि योजना पर खर्च होता है GDP का 2.4 प्रतिशत
वेदव्यासपुरी में भाजपा के व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा के आवास पर वीके सिंह।

जागरण संवाददाता, मेरठ। Farmer Protest News केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह का कहना है कि किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे नेता इसका समाधान निकालना ही नहीं चाहते क्योंकि उनकी जो मांगें हैं उन्हें पूरी करना किसी भी सरकार के लिए आसान नहीं है।

loksabha election banner

वीके सिंह ने कहा कि वर्तमान में किसानों को विभिन्न तरीके से दिए जाने वाली सब्सिडी और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के खर्च को अगर मिला लें तो यह जीडीपी का 2.4 प्रतिशत है जबकि सेना पर जीडीपी का खर्च केवल 1.9प्रतिशत ही है। 

पश्चिम बंगाल पर बोले...

वह वेदव्यासपुरी में भाजपा के व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा के आवास पर पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में हिंसा और अराजकता पर कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने वामपंथियों के माफ़ियाओं को ख़रीद लिया था, अब वही माफ़िया हालात खराब किए हुए हैं। पश्चिम बंगाल सरकार वहां के नागरिकों को सुरक्षा देने में नाकामयाब हो चुकी है। उसका एक ही समाधान है कि वहाँ के लोग भाजपा की बेहतर सरकार चुनें।

ये भी पढ़ेंः Up News: अपराध पर कसेगा शिकंजा; यूपी के इस जिले में अब दो एसपी देहात संभालेंगे कानून व्यवस्था, 10 थानों की मिली जिम्मेदारी

सेना को नहीं जानता विपक्ष, अग्निवीर अच्छी योजना

केंद्रीय मंत्री वीके सिंह का कहना है कि अग्निवीर युवाओं के लिए एक बेहतर अवसर है। बहुत से युवा जॉइन करने के बाद में सोचते थे कि उन्होंने ग़लत निर्णय लिया और वह आसानी से वहाँ से निकल नहीं पाते थे। ये एक ऐसा अवसर है कि आसानी से वापस निकलने का मौक़ा भी मिलेगा और सेना में सेवा जारी रखने का भी अवसर मिलेगा। विपक्ष सेना को नहीं जानता इसलिए इस योजना का विरोध करता है। अभी तो पहला ही बैच गया है कुछ वर्षों में असर दिखाई देगा।


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.