मेरठ, [जागरण स्‍पेशल]। शहर के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल में मिलावट का खेल पिछले कुछ समय से सामने आ रहा है। जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग दोनों पर इस मामले में कार्रवाई न करने के आरोप लगे। मामला शासन तक पहुंचा। राजधानी से डांट फटकार लगने पर जिला प्रशासन हरकत में आया। पेट्रोल पंपों पर रोजाना छापामारी की जा रही है। एडीएम सिटी अजय तिवारी ने बताया कि पेट्रोल में साल्वेंट तथा डीजल में मिट्टी तेल की मिलावट करने के मामले सामने आये हैं। इस डिपो में तेल का बड़ी मात्रा में अवैध स्टॉक मिलना सामान्य घटना नहीं है। यह स्टॉक भी मिक्सिंग के खेल से जुड़ा हो सकता है, लिहाजा प्रत्येक पहलू पर जांच होगी। पुख्ता साक्ष्य मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

पांच साल पुराने तेल चोरी प्रकरण में मांगी रिपोर्ट
पेट्रोल-डीजल में मिलावटखोरी के मामले की मजिस्ट्रेटियल जांच कर रहे एडीएम सिटी अजय तिवारी ने बताया कि मेरठ शहर में साढ़े पांच साल पहले 16 फरवरी 2014 को परतापुर थानाक्षेत्र में ही आइओसीएस की डीजल की पाइपलाइन में छेद करके रोजाना कई टैंकर तेल चोरी करने का मामला पकड़ा गया था। उक्त मामले में पकड़े गये आरोपियों पर क्या कार्रवाई हुई? इस मामले में कोर्ट की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है? इस संबंध में थाना पुलिस से जानकारी मांगी गई है। एक सप्ताह पहले भेजे गये पत्र पर पुलिस ने अभी तक रिपोर्ट नहीं दी है। शनिवार को थाना पुलिस को रिमाइंडर भेजा गया है। यदि फिर भी पुलिस रिपोर्ट नहीं देती है तो थानाध्यक्ष को तलब किया जाएगा।

निगरानी की व्यवस्था करके हटे अफसर
डीलर संजय के यहां स्टॉक में पकड़े गए 70 हजार लीटर अवैध तेल से छेड़छाड़ की आशंका में इसकी निगरानी का पुख्ता इंतजाम किया गया। डिपो में छह सीसीटीवी कैमरे लगाकर उन्हें एनआइसी के सर्वर से कनेक्ट किया गया है ताकि ऑनलाइन निगरानी रहे। इसके साथ ही डिपो पर एक मजिस्ट्रेट, आपूर्ति निरीक्षक, पुलिस बल, होमगार्ड की टीम की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। निगरानी के लिए शनिवार रात को तहसीलदार सदर बतौर मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। 

Posted By: Prem Bhatt

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस