मेरठ, जेएनएन। सोशल मीडिया पर गौतमबुद्धनगर के एसएसपी वैभव कृष्ण के वायरल वीडियो ने पूरे देश की आइपीएस और आइएएस लॉबी में हलचल मचा दी है। शुक्रवार को एडीजी प्रशांत कुमार ने पूरे प्रकरण में प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने बताया कि नोएडा के कप्तान ने गोपनीय पत्र वायरल कर अखिल भारतीय संविधान सेवाएं नियमावली का उल्लंघन किया है। इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। पांच आइपीएस अफसरों पर लगे आरोपों पर कप्तान पहले ही शिकायत कर चुके थे। उनके वायरल वीडियो के बाद उन पत्रों को वायरल कर शायद खुद का बचाव करना चाह रहे थे।

शुक्रवार को अपने ऑफिस में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि 23 अगस्त को थाना बीटा-2 नोएडा में पांच तथाकथित मीडियाकर्मियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई थी। उक्त अभियुक्तों की कुछ अधिकारियों से संलिप्तता सामने आई थी, जिसमें एसएसपी वैभव कृष्णा ने दो पत्र जारी किए थे। एक पत्र शासन और दूसरा पत्र डीजीपी को भेजा गया था। पत्र में कतिपय अधिकारियों एवं कुछ प्राइवेट व्यक्तियों, जिनमें एक पूर्व सीएम के ओएसडी हैं, पर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के संबंध में 26 दिसंबर को जांच एडीजी रेंज आलोक सिंह को दी गई थी। इसी जांच के क्रम में एडीजी ने शासन से 15 दिन का समय मांगा था। उससे पहले सात नवंबर को भी लखनऊ के हजरतगंज थाने में धोखाधड़ी का एक मुकदमा कायम हुआ था, जिसमें अतुल कुमार शुक्ला निवासी प्रतापगढ़ एवं अनुभव भल्ला निवासी कानुपर को जेल भेजा गया था। दोनों अभियुक्तों पर लगे आरोपों की गहनता से जांच की जा रही थी।

एडीजी ने आगे बताया कि इसी बीच कप्तान नोएडा से संबंधित वीडियो वायरल हो गया, जिसका मुकदमा सेक्टर 20 थाने में दर्ज किया गया। विवेचना पुलिस अधीक्षक हापुड़ संजीव सुमन को दी गई है और उसका सम्यक पर्यवेक्षण एडीजी रेंज करेंगे। विवेचना में साइबर क्राइम टीम एवं एसटीएफ को भी सहयोग करने के निर्देश दिए है। साथ ही गोपनीय पत्रों को बाहरी व्यक्तियों को अवगत कराने पर एसएसपी नोएडा से एडीजी रेंज आलोक सिंह ने स्पष्टीकरण मांगा है।

एडीजी ने बताया कि गोपनीय पत्रों को वायरल करने के पीछे कप्तान की मंशा क्या है, इसकी भी जांच की जा रही है। कहीं वायरल वीडियो से ध्यान भटकाने के लिए तो ऐसा नहीं किया है। इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच हो रही है।

हापुड़ कप्तान की जांच के बिंदु

1. वीडियो फेक है या असली

2. वीडियो कहां से बनाया गया, इसमें किस-किस का हाथ है

3. वीडियो किस स्तर से वायरल किया, वायरल कराने वाला कौन है

4. यदि वीडियो असली है, तो पूरे प्रकरण को समाप्त कर दिया जाएगा।

सीनियर की जांच जूनियर

अधिकारी कैसे करेगा

एसएसपी नोएडा वैभव कृष्ण एसपी हापुड़ से वरिष्ठ हैं। इस स्थिति में एसपी हापुड़ कैसे अपने से वरिष्ठ अधिकारी की जांच कर सकेंगे। इस सवाल पर एडीजी का कहना है कि संजीव सुमन सिर्फ वीडियो की जंाच कर रहे हैं, पूरे मामले की जांच के प्रकरण को एडीजी रेंज आलोक सिंह देख रहे हैं।

Posted By: Jagran

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