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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आज भी पसंद है मेरठ के पारंपरिक गहने और डिजाइन, शादी के सीजन में सराफा कारोबार में 80 फीसद की तेजी

By Prem Dutt BhattEdited By:
Published: Tue, 30 Nov 2021 08:02 AM (IST)Updated: Tue, 30 Nov 2021 10:16 AM (IST)

Gold jewelry In Meerut मेरठ के गहनों का क्‍या कहना शादी के इस सीजन में सराफा कारोबार में तेजी देखी ...और पढ़ें

आज भी मेरठ के बने गहने गुजरात और मुंबई पर हैं भारी।
आज भी मेरठ के बने गहने गुजरात और मुंबई पर हैं भारी।

मेरठ, जागरण संवाददाता। traditional jewelry शादी के सीजन में मेरठ के सराफा बाजार की चमक चरम पर हैं, विक्रेता का माल जहां हाथों हाथ बिक रहा है। वहीं कारीगर भी दिन रात काम करके आर्डर पूरा करने में लगे हुए है। आलम यह है कि कारीगर नए काम में इतने व्यस्त हैं कि उन्होंने पुराने किसी काम को हाथ नहीं लगाया है। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता हैं।

80 प्रतिशत बढ़ा व्‍यापार

सराफा कारोबार में इस बार 80 प्रतिशत की तेजी आई हैं। इसकी एक वजह मेरठ में बने गहनो के डिजाइन और उनकी शुद्धता हैं, कम वजन में फैलावदार गहने तैयार करने की कला यहां के कारीगरों की विशेषता मानी जाती हैं। इसलिए आज भी राजकोट, चेन्नई और मुंबई के गहनों की खपत मात्र 20 प्रतिशत और मेरठ के बने पारंपरिक गहनों की मांग 80 प्रतिशत हैं।

पुरानी कला में नए डिजाइन

स्वर्ण कारीगर मनोज मंडल का कहना है कि इस बार अपनी पुरानी कला के साथ नए डिजाइन पर काम किया गया है, चोकर, नेकलेस, हार सेट, चूड़ी, कंगन, झूमके, कुंडल और तगड़ी बारीक काम काफी पसंद किया जा रहा है। इसके अलावा अलग अलग तरह की मीनाकारी न करके इस बार गहरी लाल मीनाकारी ही की गई है। अब महिलाएं सेट से अधिक चोकर पसंद कर रही हैं। जिससे एक चोकोर से ही गला भरा भरा लगता है।

इनका कहना है

हमारे यहां के बने पारंपरिक गहनों के डिजाइन की अपनी अलग एक पहचान है, देश दुनिया में उन्हें पसंद किया जाता है। यहीं कारण है कि 80 प्रतिशत यहां के बने गहने और मात्र 20 फीसदी बाहर की ज्वेलरी की डिमांड हैं।

- प्रदीप अग्रवाल अध्यक्ष बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन

हमने पारंपरिक डिजाइन में अधिक बदलाव न करते हुए उन्हें ही नया रंग रूप देने की कोशिश की हैं। इसलिए सालों से चले आ रहे डिजाइन आज भी पसंद किए जाते हैं। हालांकि अब स्वर्ण कारीगर डिजाइनर पर काफी काम करते हैं, जिससे गहनों में नयापन बना रहे।

- विजय आनंद अग्रवाल बंधु ज्वेलर्स सराफा बाजार