विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

EPFO: नौकरी छोड़ने के कितने दिन बाद निकाल सकते हैं PF? मेरठ में हुई बैठक में अफसरों ने ऐसे कई सवालों के दिए जवाब

By Sarvendra Pundir Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 06 Oct 2026 06:08 PM (IST)

EPFO: मेरठ में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की बैठक में कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा नियमों में बदलाव की जानकारी दी।

होटल क्रिस्टल पैलेस में आयोजित बैठक में विचार व्यक्ति करते अधिकारी। जागरण

होटल क्रिस्टल पैलेस में आयोजित बैठक में विचार व्यक्ति करते अधिकारी। जागरण

HighLights

  1. मेरठ में हुई ईपीएफओ और उद्यमियों की बैठक आयोजित।

  2. अंशदान, पंजीकरण की पात्रता आदि से संबंधित सवाल पूछे।

जागरण संवाददाता, मेरठ। उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए भविष्य निधि की अनिवार्य सदस्यता की वेतन सीमा में बदलाव किया गया है।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की संयुक्त रूप से हुई बैठक में इन बदलाव की जानकारी दी गई। बताया गया कि श्रमिक अब 75 प्रतिशत ईपीएफ निकालने के हकदार होंगे। अधिकारियों ने उद्यमियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और नियमों के पालन के संबंध में मार्गदर्शन दिया।

e3

बैठक में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से अंकुर पी गुप्ता, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम महेश सिंह और कर्मचारी राज्य बीमा निगम की ओर से नीरज कुमार गुप्ता, निरीक्षक एवं प्रबंधक मौजूद रहे।

अधिकारियों ने उद्यमियों को विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए संस्थानों में कर्मचारियों से जुड़े अभिलेख और अंशदान संबंधी प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा करने पर जोर दिया। अंकुर पी गुप्ता ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के साथ ही रोजगार प्रोत्साहन से जुड़ी अन्य पहलों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने के साथ नियोक्ताओं और कर्मचारियों को निर्धारित प्रोत्साहन एवं सामाजिक सुरक्षा का लाभ उपलब्ध कराना है। बैठक में ईईसी-26 और विश्वास योजना के विभिन्न प्रावधानों पर भी चर्चा हुई।

उद्योग प्रतिनिधियों ने भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा से जुड़े अंशदान, पंजीकरण, कर्मचारियों की पात्रता और विभिन्न योजनाओं के लाभ से संबंधित सवाल पूछे। बैठक में आइआइए अध्यक्ष अंकित सिघंल, सचिव गौरव जैन, कोषाध्यक्ष मनु रस्तोगी, अनुराग अग्रवाल, उपाध्यक्ष तनुज गुप्ता आदि उद्यमी मौजूद रहे।

इन बिंदुओं की बैठक में दी गई जानकारी

  • ईपीएफ की नई लिमिट 25 हजार हो गई है।
  • ईएसआइसी का लाभ 21 हजार तक के वेतन पर मिलेगा।
  • श्रमिक अब नोकरी छोड़ने के एक वर्ष बाद पीएफ निकाल सकता है जबकि रिटारमेंट होने पर तुरंत निकाल सकता है।
  • औद्योगिक श्रमिकों के लिए चिकित्सा सुविधाओं और दावों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था।
  • नए नियमों, अनुपालन और डिजिटल पोर्टल्स के संचालन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतें।