एटीएम से पीएफ निकासी पर बड़ा अपडेट, उपभोक्ताओं के लिए कब शुरू होगी ये सुविधा? बैठक में दी गई जानकारी
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने मेरठ में हुई बैठक में पीएफ नियमों में बदलाव और एटीएम जैसी निकासी सुविधा की जानकारी दी।

HighLights
पीएफ निकासी के लिए जल्द मिलेगी एटीएम जैसी सुविधा।
पीएफ की वेतन सीमा बढ़ाकर 25,000 रुपये की गई।
श्रमिक अब 75% तक पीएफ राशि निकाल सकेंगे।
जागरण संवाददाता, मेरठ। उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए भविष्य निधि की अनिवार्य सदस्यता की वेतन सीमा में बदलाव किया गया है। बाउंड्री रोड स्थित होटल क्रिस्टल पैलेस में हुई कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की बैठक में इन बदलावों की जानकारी दी गई।
बताया गया कि जल्द ही श्रमिकों को एटीएम कार्ड जैसा लाभ भी दिया जाएगा। इसके लिए साफ्टवेयर अपडेट किया जा रहा है। अपडेट होते ही एटीएम का लाभ दिया जाएगा। श्रमिक अब अपने खाते से कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) की 75 प्रतिशत तक धनराशि की निकासी कर सकते हैं।
एक लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से अंकुर पी गुप्ता, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम महेश सिंह और कर्मचारी राज्य बीमा निगम की ओर से नीरज कुमार गुप्ता, निरीक्षक एवं प्रबंधक बैठक में मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि मेरठ कार्यालय के अधीन गाजियाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्धनगर आदि जनपद आते हैं, जिनमें कुल 40 लाख कर्मचारी पीएफ का लाभ ले रहे हैं। छह लाख कर्मचारी वर्तमान में नौकरी कर रहे हैं। 25 हजार की स्कीम में लगभग मेरठ क्षेत्र के एक लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
इसके अलावा संस्थानों में कर्मचारियों से जुड़े अभिलेख और अंशदान संबंधी प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा करने पर जोर दिया। अंकुर पी गुप्ता ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के साथ रोजगार प्रोत्साहन से जुड़े अन्य बिंदुओं पर चर्चा की। ईईसी-26 और विश्वास योजना के प्रविधानों पर भी चर्चा हुई।
इन बिंदुओं पर भी दी गई जानकारी
- ईपीएफ की नई लिमिट 25 हजार हो गई है।
- ईएसआईसी का लाभ 21 हजार तक के वेतन पर मिलेगा।
- श्रमिक अब नौकरी छोड़ने के एक वर्ष बाद पीएफ निकाल सकता है। रिटायरमेंट के तुरंत बाद भी निकासी कर सकता है।
- औद्योगिक श्रमिकों के लिए चिकित्सा सुविधाओं और दावों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था।
- नए नियमों, अनुपालन और डिजिटल पोर्टल्स के संचालन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतें।
उद्योग प्रतिनिधियों ने भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा से जुड़े अंशदान, पंजीकरण, कर्मचारियों की पात्रता और योजनाओं के लाभ से संबंधित सवाल पूछे। आईआईए अध्यक्ष अंकित सिघंल, सचिव गौरव जैन, कोषाध्यक्ष मनु रस्तोगी, अनुराग अग्रवाल, उपाध्यक्ष तनुज गुप्ता आदि उद्यमी मौजूद रहे।
