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Stories Come Alive! कहानियों के जरिए किताबों संग दोस्ती का संदेश देने की पहल

By Amit Tiwari Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 01 Nov 2026 02:29 PM (IST)

दिल्ली पब्लिक स्कूल मेरठ अपनी रजत जयंती पर 'स्टोरीज कम अलाइव' कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जिसमें 1200 विद्यार्थी किताबों ...और पढ़ें

दिल्ली पब्लिक स्कूल में शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में रजत जयंती समारोह की जानकारी देते प्रबंधक (बीच में) अतुल सिंह। साथ हैं (दाएं) प्रिंसिपल मनीष सेकसरिया व अनिमेश तोमर। जागरण

दिल्ली पब्लिक स्कूल में शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में रजत जयंती समारोह की जानकारी देते प्रबंधक (बीच में) अतुल सिंह। साथ हैं (दाएं) प्रिंसिपल मनीष सेकसरिया व अनिमेश तोमर। जागरण

HighLights

  1. दिल्ली पब्लिक स्कूल की रजत जयंती पर 1200 विद्यार्थी मंच पर जीवंत करेंगे 25 वर्ष की उपलब्धियों से सुसज्जित कहानी

  2. गैजेट्स की दुनिया से बच्चों को किताबों की ओर लौटाने की पहल, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत होंगे मुख्य अतिथि

जागरण संवाददाता, मेरठ। मोबाइल और गैजेट्स की बढ़ती दुनिया में बच्चों की किताबों से घटती दोस्ती को फिर मजबूत करने के उद्देश्य से दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) अपने रजत जयंती समारोह में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति ‘स्टोरीज कम अलाइव'' आयोजित कर रहा है। रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थी किताबों की महत्ता, उनसे मिलने वाली प्रेरणा और जीवन में सकारात्मक सोच के महत्व को मंच पर जीवंत करेंगे। खास बात यह है कि इस पूरे कार्यक्रम की तैयारी से लेकर प्रस्तुति तक की जिम्मेदारी विद्यार्थियों ने स्वयं संभाली है।

विद्यालय के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित हो रहे समारोहों की मुख्य प्रस्तुति रविवार को होगी। इसमें गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। शनिवार को स्कूल में आयोजित प्रेस वार्ता में स्कूल के प्रिंसिपल मनीष सेकसरिया ने बताया कि इस आयोजन में करीब 1200 विद्यार्थी हिस्सा लेंगे जो स्कूल के 25 वर्षों की उपलब्धियों को दिखाने के साथ ही कहानियों के जरिए किताबों संग दोस्ती के संदेश को जीवंत करेंगे।

‘स्टोरीज कम अलाइव’ की विषयवस्तु किताबों और पढ़ने की आदत के इर्द-गिर्द रखी गई है। विद्यालय का उद्देश्य है कि डिजिटल उपकरणों के प्रति बढ़ते आकर्षण के बीच बच्चे पुस्तकों से दोबारा जुड़ें और पढ़ने को बोझ के बजाय आनंद का माध्यम समझें। नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए यह दिखाया जाएगा कि किताबें बच्चों को किस तरह नई दुनिया से परिचित कराती हैं, उन्हें जीवन के मूल्य सिखाती हैं और कठिन परिस्थितियों में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देती हैं। प्रस्तुति में नकारात्मकता को सकारात्मकता में बदलने का संदेश भी दिया जाएगा।

विद्यालय प्रबंधक अतुल सिंह के अनुसार रजत जयंती वर्ष के अंतर्गत तीन प्रमुख आयोजन हैं। एक नवंबर का कार्यक्रम मुख्य समारोह होगा। इसके बाद 28 नवंबर को प्री-प्राइमरी से कक्षा तीन तक के विद्यार्थियों का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें करीब 600 विद्यार्थी भाग लेंगे। तीसरा प्रमुख आयोजन 26 दिसंबर को एलुमिनाई मीट के रूप में होगा। इसमें विद्यालय से पिछले 25 वर्षों में शिक्षा प्राप्त कर पास आउट हुए विद्यार्थियों को आमंत्रित किया जा रहा है।

अब तक करीब 1200 पूर्व विद्यार्थी अपना पंजीकरण करा चुके हैं। आयोजन तक यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। एलुमनाई मीट के जरिए पुराने विद्यार्थियों को विद्यालय से जुड़ी यादें साझा करने और अपने शिक्षकों व सहपाठियों से मिलने का अवसर मिलेगा।

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