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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सहारनपुर में कुत्तों ने बारहसिंगा को नोच कर उतारा मौत के घाट, पहले भी हो चुके हैं हादसे

By Taruna TayalEdited By:
Published: Tue, 30 Nov 2021 06:47 PM (IST)

शिवालिक के जंगल से निकलकर आबादी क्षेत्र में घुसे बारहसिंगा को कुत्तों ने नोच डाला। ग्रामीणों की भीड़ ने जब ...और पढ़ें

कुत्तों ने बारहसिंगा को नोच कर उतारा मौत के घाट।
कुत्तों ने बारहसिंगा को नोच कर उतारा मौत के घाट।

सहारनपुर, जेएनएन। शिवालिक के जंगल से निकलकर आबादी क्षेत्र में घुसे बारहसिंगा को कुत्तों ने नोच डाला। ग्रामीणों की भीड़ ने जब यह देखा तो बमुश्किल उसे कुत्तों के चंगुल से मुक्त कराया और वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जब तक घायल बारहसिंगा का उपचार कराती तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

गौरतलब है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों को आतंक है। कुत्तों के यह झुंड आबादी हो अथवा जंगल जहां इन्हें मौका मिलता है यह हमलावर हो जाते हैं। पिछले दिनों तो कुत्तों ने थाना मिर्जापुर क्षेत्र के गांव पाडली में आबादी के पास एक आम के बाग में खेल रहे मासूम बालक को मौत की नींद सुला दिया था।

ऐसा ही एक मामला मंगलवार को सामने आया। शिवालिक के जंगल से निकलकर एक बारहसिंगा मिर्जापुर के गांव नानूवाला के जंगल की ओर आ गया। जहां उसे कुत्तों के झुंड ने घेर लिया। कुत्तों से बचकर यह जंगली जानवर गांव नानूवाला की आबादी की ओर दौड़ा लेकिन कुत्तों ने इसके बुरी तरह नौच डाला। गांव की आबादी में कुत्तों को इसका पीछा करते देखकर ग्रामीणों की भीड़ ने बामुश्किल उनके चंगुल से उसे छुड़ाया।

लेकिन जब तक कुत्ते इस जानवर को बुरी तरह घायल कर चुके थे। इस पर ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना बेहट वन विभाग की टीम को दी। जिस पर मौके पर पहुंची विभाग की टीम जब तक घायल जानवर का उपचार कराती तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वन रक्षक दीपांशु तोमर ने बताया कि मृत बाहरसिंगा को गांव नानूवाला के जंगल में जमीन में बदा दिया गया है। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि कुत्तों के इस तरह के हमले से लोग अब अपने खेतों तक में जाने से डरने लगे हैं।