मेरठ। अगर आपको सपना सच होते देखना है तो यू-ट्यूब पर जाइये और 'पीआर एनसीआरटीसी' सर्च करके दिल्ली-मेरठ रूट पर चलने वाली रैपिड रेल को देखें। हालांकि रैपिड को आने में अभी पांच से छह साल का समय लगेगा। इससे पहले नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने यू-ट्यूब पर एक वीडियो जारी किया है। इसमें पहले चरण में बनने वाले तीनों कॉरीडोर के पहले स्टेशन सराय काले खां को ट्रांसपोर्ट हब दिखाया है।

वीडियो में सराय काले खां स्टेशन से जाने वाले दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत कॉरीडोर के रूट को दिखाया गया है। एक मिनट 40 सेकेंड के इस वीडियो में एरियल व्यू (ऊपर से शूट किया गया वीडियो) लिया गया है। इससे पता चल सके कि कौन-सा रूट कहां से होकर जाएगा।

सराय काले खां 'ट्रांसपोर्ट हब'

एनसीआरटीसी प्रोजेक्ट की शुरुआत से ही सराय काले खां को ट्रांसपोर्ट हब बनाने पर कार्य कर रहा है। इस स्थान से मेट्रो, एयरपोर्ट, बस और रैपिड के लिए परिवहन सिस्टम उपलब्ध रहेगा। इससे यात्रियों को दिल्ली में कहीं भटकना न पड़े। इसी को देखते हुए एनसीआरटीसी अपने प्रोजेक्ट को डिजाइन कर रहा है।

11 को पीआइबी देगा मंजूरी

रैपिड रेल प्रोजेक्ट को 11 सितंबर को पब्लिक इंनवेस्टमेंट बोर्ड से हरी झंडी मिल सकती है। इससे पहले एनसीआरटीसी अपने सभी कार्य को निपटाने में लगा है। एनसीआरटीसी ने 82 किलोमीटर के इस रूट पर सड़क चौड़ीकरण और मिट्टी की जांच का कार्य अंतिम चरणों में पहुंचा दिया है। हाल ही में पांच सितंबर को लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एक साल पूरे होने पर लखनऊ में आयोजित किए गए कार्यक्रम में केंद्रीय आवास एंव शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने भी दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 11 सितंबर को प्रोजेक्ट पीआईबी के सामने पेश किया जाएगा। इस वीडियो को भी एनसीआरटीसी ने 'पीआर एनसीआरटीसी' पर अपलोड किया है।

इन्होंने कहा--

प्रोजेक्ट को वीडियो के जरिए दिखाया गया है, जिससे पता चल सके कैसा दौड़ेगी रैपिड रेल। वहीं 11 सितंबर को पीआइबी में प्रोजेक्ट पेश होगा। इससे पहले सभी कार्य अंतिम चरण में हैं।

सुधीर कुमार शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, एनसीआरटीसी

Edited By: Jagran