मेरठ,जेएनएन। हरिद्वार से पानी पानी कम छोड़े जाने के बाद गंगा का जल स्तर मैदान में भी लगातार घट रहा लेकिन इसके बाद बावजूद हस्तिनापुर में फतेहपुर प्रेम व शेरपुर में टूटे तटबंधों की वजह से पानी का बहाव खेत व रास्तों की तरफ है। जिससे सोमवार भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। बिजनौर बैराज से फिलहाल एक लाख पैंतालिस हजार क्यूसेक पानी चल रहा है।

हरिद्वार से तीन लाख 76हजार क्यूसेक पानी छोड़ने से हस्तिनापुर में बाढ़ जैसे हालात हो गए थे। जबकि फतेहपुर प्रेम व शेरपुर के पास में अस्थायी बंध टूटने से हालात और भी खराब हो गए थे और तीन दिनों तक पानी खेतों व रास्तों के रास्ते होते हुए बस्ती तक पहुंच गया था। खेतों में पानी भरने से चारे का संकट भी पैदा हो गया है। मानपुर, फतेहपुर प्रेम, दबखेड़ी, हंसापुर परसापुर, सिरजेपुर, हादीपुर गांवड़ी, चामरोद, भीकुंड, किशनपुर, कुन्हैडा, बधवा, खेड़ी समेत मखदूमपुर व जलालपुर जोरा गांव के जंगलों मे पानी भर गया है। जंगल में डेरे बनाकर रह रहे लोगों के मकान भी चारों ओर से पानी से घिरे हुए हैं।

सोमवार को सिचाई विभाग के एसडीओ पंकज कुमार जैन, एसपी देहात केशव कुमार ने बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।

बिजनौर बैराज से नदी के जलस्तर मे काफी गिरावट आ गई है और जलस्तर घटकर एक लाख पैंतालीस हजार क्यूसेक रह गया है। वही हरिद्वार में जलस्तर घटकर केवल 61 हजार क्यूसेक रह गया है।

मुख्य मार्ग पर भी आया पानी

हस्तिनापुर: हस्तिनापुर से रामराज जाने वाले मुख्य मार्ग पर भी भीकुंड मोड़ से लतीफपुर गांव तक दो से तीन फीट पानी बह रहा है। पानी का बहाव इतना तेज है कि सड़क को क्षतिग्रस्त करता हुआ पानी खेतों की ओर रुख कर रहा है। खेतों मे खड़े पानी ने किसानों की नींद हराम कर दी है।

संपर्क मार्ग भी अवरूद्ध

मुख्य मार्ग से किशनपुर, सिरजेपुर, भागोपुर, दबखेडी, हरिपुर, हंसापुर परसापुर, फतेहपुर प्रेम ,चामरोद जाने वाले संपर्क मार्गो पर चार फीट पानी बहने से आवागमन बंद हो गया है। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है।

कंट्रोल रूम स्थापित

कुंहैडा गांव के प्राथमिक विद्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है। जिस पर पुलिस तैनात कर दी गई है। कंट्रोल रूम से बाढ़ की पल पल की जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचायी जा रही है।

राहत कार्य के लिए पीएसी पहुंची

टूटे तटबंध से निकले गंगा नदी के पानी से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है। लोगों को आने जाने व लोगों को बाहर निकालने के लिए पीएसी बाढ़ राहत दल पहुंच गई है। 41 वी वाहिनी पीएसी के एसआई विजय सिंह व पिटू भड़ाना ने बताया कि मंगलवार की प्रात: मोटरबोट से राहत कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।

फसलें होंगी तबाह

गंगा नदी की बाढ़ ने खेतों मे खड़ी फसलें नष्ट होने की संभावना प्रबल हो गई है। वही खेतों मे आई गंगा की रेती भी भूमि को ऊबड़ खाबड़ कर देगी। वही चारे की फसल नष्ट होने से पशुपालकों के सामने संकट उत्पन्न हो जाएगा।

एसपी देहात ने जाना बाढ़ पीड़ितों का हाल

एसपी देहात केशव कुमार, सीओ उदय प्रताप सिंह ने थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह के साथ बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि कुन्हैड़ा गाव में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है। जिस पर हर समय पुलिस तैनात रहेगी। वही बाढ़ राहत पीएसी की कंपनी भी पहुंच गयी है।

सिचाई विभाग के इंजीनियर फंसे, मंदिर में रात बिताई

फतेहपुर प्रेम के समीप कटाव निरोधक से आगे तटबंध पर कार्य करा रहे सिचाई विभाग के अवर अभियंता जागेश कुमार व एक अन्य वहीं पर फंसे रह गए। टूटे तटबंध से तेज गति से पानी निकलने के कारण मार्ग पर लगभग पांच फीट पानी आ गया और रास्ता बंद हो गया और उन्होंने रात मंदिर पर ही बिताई। एसडीओ पंकज कुमार जैन ने बताया कि सोमवार की सांय उन्हे जेसीबी मशीन मे बिठाकर पानी से निकाला गया।

एसडीएम मवाना कमलेश कुमार का कहना है जलस्तर मे काफी गिरावट आ गई है। धीरे धीरे स्थिति सामान्य हो जाएगी। जलस्तर कम होते ही टूटे अस्थाई तटबंध को दुरूस्त करा दिया जाएगा।

विधायक दिनेश खटीक ने बताया कि लगभग बीस करोड़ की लागत से दो कटाव निरोधक बनवाए गए र्ह। जो गंगा के कटान को रोकने मे सहायक सिद्ध हुए हैं। अन्य दो कटाव निरोधक बनवाने के लिए शीघ्र ही प्रदेश के सीएम से मिलेंगे।

Edited By: Jagran