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अमित हत्याकांड में रविता और अमरदीप को मुत्युदंड: जज ने कहा-यह वैवाहिक विश्वास की हत्या, डेढ़ साल में सुनाई सजा

Published: Sat, 17 Oct 2026 09:13 AM (IST)

मेरठ में अमित हत्याकांड में पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को कोर्ट ने मृत्युदंड सुनाया है। न्यायाधीश ने इसे वैवाहिक ...और पढ़ें

दोषियों के फाइल फोटो।

दोषियों के फाइल फोटो।

HighLights

  1. पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा।

  2. कोर्ट ने वैवाहिक विश्वास की हत्या करार दिया।

  3. सांप का इस्तेमाल कर हत्या का प्रयास किया।

जागरण संवाददाता, मेरठ। सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल के दो दिन बाद ही अदालत ने अमित हत्याकांड में दोषी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश जयवीर नागर की अदालत ने सत्यवान-सावित्री के वैवाहिक रिश्ते का उदाहरण देते हुए कहा था कि सावित्री अपने पति के प्राण यमराज से छीन लाई थी, जबकि रविता ने पति पत्नी के वैवाहिक रिश्ते में विश्वास की हत्या की। इसलिए माफी स्वीकार नहीं होगी। अदालत ने टिप्पणी की कि इस मामले में केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं हुई, बल्कि वैवाहिक जीवन के विश्वास और पारिवारिक मूल्यों को भी गहरी चोट पहुंची है।

जज ने कहा कि पति-पत्नी का रिश्ता विश्वास, त्याग और समर्पण पर आधारित माना जाता है। जिस पत्नी से पति अपने जीवन की सुरक्षा और साथ की उम्मीद करता है, उसी ने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। वहीं, मृतक को भाई जैसा मानने वाले अमरदीप ने भी उसके विश्वास को तोड़ा। इसलिए यह अदालत दोनों को मृत्युदंड देती है।

कोर्ट रूम तालियों की गड़गड़ाट से गूंजा

जैसे ही अदालत ने शुक्रवार शाम सवा तीन बजे निर्णय सुनाया पूरा कोर्ट रूम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। वहां मौजूद अमित की मां मुनेश और भाई सोहनवीर की आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि हर सुबह प्रार्थना करती थी। मेरी आत्मा, अमित की आत्मा और तीनों बच्चों की आत्मा को आज शांति मिली। तब और ज्यादा मिलेगी, तब दोनों को फांसी पर लटकाया जाएगा। रविता और अमरदीप जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई से जुड़े थे।

घटना के डेढ़ साल बाद सजा सुनाई

मुजफ्फरनगर के तितावी स्थित सैदपुर की रविता की शादी नौ वर्ष पहले बहसूमा के अकबरपुर सादात निवासी अमित कश्यप से हुई थी। अमित टाइल और पत्थर लगाने का काम करता था। दंपती के तीन बच्चे हैं। अमित के साथ काम करने वाला अमरदीप उसके पड़ोस में ही रहता था। रविता को चाची कहकर बुलाता था। इसी रिश्ते की आड़ में दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और दोनों में नजदीकी हो गई। 12 अप्रैल 2025 को अमित, रविता और तीनों बच्चों को शाकंभरी देवी के दर्शन कराकर आया था। उसी दिन अमरदीप ने सांप की व्यवस्था की।

थैले में सांप लेकर पहुंचा था अमरदीप

रात में अमित के सोने के बाद रविता ने फोन कर अमरदीप को बुला लिया। वह थैले में सांप लेकर पहुंचा। इसके बाद रविता ने अमित के हाथ पकड़े और अमरदीप ने उसका गला दबा दिया। मौत के बाद दोनों ने शव के नीचे सांप छोड़ दिया। 13 अप्रैल 2025 की सुबह रविता ने नाश्ता तैयार करने और घर का कामकाज करने में जुट गई। अमरदीप अपनी बुआ के यहां चला गया था। सुबह सात बजे बेटा जगाने लिए पिता के पास पहुंचा तो चारपाई पर सांप देखकर शोर मचा दिया। परिवार ने समझा कि सांप ने डस लिया है।

सपेरे को बुलवाकर सांप पकड़वाया। इसके बाद परिवार अमित के शव को बुलंदशहर के गुलावठी में झाड़फूंक के लिए ले गए। वहां से लौटने के बाद अंतिम संस्कार करने लगे। तभी बहसूमा की तत्कालीन थाना प्रभारी दारोगा इंदू वर्मा टीम के साथ गांव पहुंचीं। पुलिस ने जबरन पोस्टमार्टम कराया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या

तीन दिन बाद रिपोर्ट आने पर पता चला कि अमित की गला दबाकर हत्या की गई है। तब पुलिस ने रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को पकड़कर पूछताछ की। दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया। तभी से दोनों जेल में बंद हैं। 23 जून को पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया था। पुलिस की मजबूत पैरवी और एडीजीसी फरजाना मकसूद ने सभी साक्ष्यों को कोर्ट के सामने प्रस्तुत किया। तब सात अक्टूबर को अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया था।

मृत्युदंड के साथ दोनों पर 35 हजार का जुर्माना भी लगाया

शुक्रवार अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) व धारा 3(5) के तहत रविता और अमरदीप को मृत्युदंड तथा प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। मृत्युदंड का निष्पादन इलाहाबाद हाई कोर्ट की पुष्टि के अधीन रहेगा। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोनों को पांच-पांच महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साक्ष्य छिपाने के आरोप में दोनों को सात-सात साल की सजा और 20-20 हजार का जुर्माना लगाया गया।

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