(राशिद अली) मुजफ्फरनगर। गोकुशी के मामले में दबोचे गए अभियुक्त को हिरासत में थर्ड डिग्री देने के मामले में कोर्ट की नाराजगी पर वादी मुकदमा व पुलिस चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया। इससे पूर्व एसीजेएम दो तथा एएसपी ने कोर्ट में ही अभियुक्त के जख्म देखकर वादी मुकदमा तथा विवेचक से जवाब मांगा तो वे निरुत्तर हो गए।

नई मंडी कोतवाली के बागोवाली चौकी प्रभारी कुमार गौरव सागर के अनुसार, उन्होंने 12 सितंबर को बागोवाली के मोहल्ला पछवापट्टी निवासी हसन अली पुत्र मुशर्रफ को उसके घर से पांच किलो गोमांस तथा कटान उपकरण सहित दबोचा था। मुकदमा दर्ज कर आरोपित को बरामद उपकरण सहित अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट-2 मुकीम अहमद के समक्ष पेश कर 14 दिन का न्यायिक कस्टडी रिमांड मांगा। इस दौरान गोवध अधिनियम के मामले में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आइपीएस अधिकारी तथा एएसपी सदर कृष्ण कुमार भी कोर्ट में मौजूद रहे।

जीडी में अभियुक्त स्वस्थ, मेडिकल परीक्षण में चोट अभियुक्त को जमानत दिये जाने की याचना करते हुए अधिवक्ता ने कोर्ट को हिरासत में दी गई यातना की जानकारी दी। जिस पर एसीजेएम दो मुकीम अहमद तथा एएसपी कृष्ण कुमार ने कोर्ट में ही अभियुक्त के कपड़े उतरवाए तो उसके हाथ तथा दोनों कुल्हों पर गहरे घाव थे। कोर्ट में मौजूद वादी मुकदमा व चौकी बागोवाली प्रभारी कुमार गौरव सागर, विवेचक एसआइ धर्मवीर कर्दम एसीजेएम-2 तथा एसपी के सवालों का संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब जीडी में अभियुक्त के कोई चोट अंकित नहीं है तो चिकित्सकीय परीक्षण में चोट कैसे आई। दोनों से 23 सितंबर तक लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया।

हिरासत में अभियुक्त को थर्ड डिग्री देने पर कोर्ट की नाराजगी के बाद वादी मुकदमा तथा चौकी बागोवाली प्रभारी कुमार गौरव सागर को एसएसपी ने लाइन हाजिर कर दिया। कोर्ट ने वादी मुकदमा तथा विवेचक से लिखित स्पष्टीकरण तलब करते हुए पैरा-53 जीआर क्रिमिनल (पुलिस त्रुटि नियमावली) के अनुपालन में एसएसपी को कार्रवाई के लिए लिखने की बात आदेश में कही। 

Edited By: Himanshu Dwivedi

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट