मेरठ,जेएनएन। सूरजकुंड समेत शहर के सभी श्मशान घाटों व कब्रिस्तानों में कोरोना संक्रमित शवों का निश्शुल्क अंतिम संस्कार कराया जाएगा। अंतिम संस्कार में होने वाले व्यय का वहन नगर निगम करेगा। यह निर्देश अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने जारी किया है।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि नगर निगम अधिनियम-1959 की धारा 114 (20) में दी गई व्यवस्थानुसार नगर निगम का दायित्व है कि वह अपनी सीमा के अंतर्गत मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए अंत्येष्टि स्थलों, कब्रिस्तानों और शवदाह गृहों की व्यवस्था सुनिश्चित करे। इसी क्रम में शासन ने निर्णय किया है कि कोरोना संक्रमण के कारण हुई मृत्यु की दशा में शवों का अंतिम संस्कार निश्शुल्क कराया जाएगा। अंतिम संस्कार के दौरान कोरोना प्रोटोकाल का पालन कड़ाई से कराया जाएगा। अंतिम संस्कार में होने वाला खर्च नगर निगम अपने स्वयं के स्त्रोत या फिर राज्य वित्त आयोग की धनराशि से कर सकता है। सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह ने बताया कि सूरजकुंड श्मशान घाट पर कोरोना संक्रमितों के शवों के अंतिम संस्कार की सामग्री आर्य समाज की ओर से निश्शुल्क प्रदान की जा रही है। गंगा मोटर कमेटी को निर्देश दिया है कि लकड़ी से लेकर अन्य जो भी सामग्री की जरूरत पड़ेगी। वह सब निश्शुल्क प्रदान की जाएगी। लकड़ी की व्यवस्था नगर निगम ने कर दी है। नौचंदी स्थित बाले मियां कब्रिस्तान में भी जो कोरोना संक्रमित शव दफनाए जाएंगे। उनका खर्च निगम उठाएगा। उन्होंने बताया कि मृतक के स्वजन को इसके लिए अस्पताल का डिस्चार्ज पत्र और कोरोना टेस्ट रिपोर्ट देनी होगी। 1575 मरीज मिले, 20 की मौत: कोरोना संक्रमण फिर तेज हो गया है। शनिवार को 7177 सैंपलों की जाच की गई, जिसमें 1575 में वायरस मिला। मेडिकल कालेज में 11, जबकि अन्य अस्पतालों में नौ मरीजों की मौत हो गई है। सीएमओ डा. अखिलेश ने आगाह किया है कि वायरस की मारक क्षमता बनी हुइ है। आगामी दो माह तक बेहद सावधान रहना होगा।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट बताती है कि 6013 मरीज होम आइसोलेशन में इलाज ले रहे है, वहीं 1720 मरीजों को कोविड केंद्रों में भर्ती किया गया है। एक्टिव मरीजों की संख्या 15613 पहुंच गई है। जबकि 678 मरीज डिस्चार्ज किए गए हैं।