मेरठ, जेएनएन। एक हाथ से कई हाथों तक पहुंचने वाली करेंसी को लेकर बैंक अपनी तरफ से सर्तकता बरत रहे हैं। बैंक के अधिकारियों का कहना है कि नोट को सैनिटाइज नहीं किया जा सकता है। इसे देखते हुए इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने लोगों से अपील की है, कि वह डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दें। आरबीआइ की ओर से इस समय बैंकों पर जोर दिया जा रहा है कि वह डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करें।

रविवार को बैंकों के पास एसोसिएशन का पत्र पहुंचा है। इसमें कोरोना को लेकर डरो ना, डिजिटल करो ना ..। का संदेश दिया गया है। इसमें एसोसिएशन ने कहा है कि बैंक की सेवाएं इस परिस्थिति में सुचारू रहेंगी। बैंकों के पास आनलाइन लेनदेन की सुविधा उपलब्ध है। सभी बैंकों के अपने प्लेटफार्म हैं। ऐसे में बैंक अधिक से अधिक डिजिटल फार्म में लेनदेन करने को बढ़ावा दें। इसमें एटीएम से निकासी करें। 23 मार्च से इस पर विशेष जोर दिया गया है।

हर बैंक की निर्धारित होगी ब्रांच

कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए बैंकों की सेवाएं सीमित की जा सकती हैं। कुछ दिन पहले इमरजेंसी में आरबीआइ यानी रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने हर बैंक को अपने ब्रांच चिन्हित करने के लिए कहा था। रविवार देर रात इसे लेकर बैंकों की उच्चस्तरीय बैठक चल रही है। बैंकों को यह आदेश दिया जा सकता है कि वह अपने कुछ ब्रांच ही खोले। हालांकि कैसे भी हालात हो हर बैक का कम से कम एक दो ब्रांच खुले रहेंगे।

इंडियन बैंक एसोसिएशन ने की अपील, इस काम से बैंक कर सकते हैं मना

बैंक केवाइसी अपडेट नहीं करेंगे।

पासबुक एंट्री के लिए मैनुअल न जाएं।

नया खाता खोलने मत जाएं।

पुराने खाते में कुछ नाम जोड़ना है न जाएं।

ये काम होंगे

नगद जमा और निकासी होंगे। इस अपील के साथ कि लोग पहले एटीएम पर जाकर निकासी करें या जमा करें।

ड्राफ्ट, आरटीजीएस, एनईएफटी होंगे।

 

Posted By: Prem Bhatt

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