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'दिसंबर से पहले पूरे होंगे निर्माण कार्य', प्रश्न पहर में मेरठ नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने लोगों के सवालों के दिए जवाब

Published: Mon, 19 Oct 2026 12:34 AM (IST)

नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने 'प्रश्न पहर' में बताया कि अक्टूबर तक हुई बारिश के कारण निर्माण कार्य में देरी ...और पढ़ें

मेरठ नगर आयुक्त सौरभ गंगवार। फोटो जागरण

मेरठ नगर आयुक्त सौरभ गंगवार। फोटो जागरण

HighLights

  1. बारिश के कारण निर्माण कार्य में हुई देरी, अब तेजी आएगी।

  2. दिसंबर से पहले सभी प्रमुख कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया।

  3. अतिक्रमण, प्रदूषण, कूड़ा प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी।

जागरण संवाददाता, मेरठ। अमूमन 15 सितंबर तक बरसात का सीजन समाप्त हो जाता था और निर्माण कार्य शुरू हो जाते थे, लेकिन इस बार अक्टूबर में भी बरसात हो गई। जिसके कारण बैकफुट पर आना पड़ रहा है। सारे टेंडर निकल चुके हैं। बहुत सारे वर्क आर्डर जारी हो चुके हैं। उम्मीद है कि अब बरसात नहीं होगी। सप्ताह भर में निर्माण, मरम्मत और गड्ढा भरने का काम तेजी पकड़ेगा।

जलनिकासी के नाले-नालियों का निर्माण भी गति पकड़ेगा। ग्रैप की बात करें तो एक दिसंबर तक यह प्रभावी होगा। निगम की कोशिश रहेगी कि इससे पहले मेजर कार्य पूरे कर लिए जाएं। दिल्ली एनसीआर के क्षेत्र में ग्रैप की वजह से काम प्रभावित होते हैं। रविवार को दैनिक जागरण कार्यालय में प्रश्न पहर कार्यक्रम में यह बातें नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने कही। उन्होंने फोन पर बड़ी संख्या में लोगों के सवालों के जवाब दिए।

-प्रहलाद नगर चौराहे से लिसाड़ी गेट तक सड़क खराब है। धूल उड़ने से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।- अजय सेठी, प्रहलाद नगर।

-सड़कों के गड्ढे भरवाने का काम चल रहा है। इस सड़क पर भी जल्द होगा।
-गढ़ रोड सहित प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण के चलते जाम बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए क्या किया जा रहा है।-लोकेश खुराना,मेरठ।
-गढ़ रोड पर गत दिनों अतिक्रमण हटवाया गया था। दोबारा अतिक्रमण करने वालों की सूची तैयार की जा रही है। संबंधित थाने को सूची दी जाएगी। अतिक्रमणकारियों पर एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। यह काम सभी प्रमुख मार्गों पर किया जाएगा।
-पल्लवपुरम ओ पाकेट में बरसात के मौसम में जलभराव हुआ था। आगे न हो इसके लिए नाले का काम पूरा कब तक होगा।- अरुण कुमार, पल्लवपुरम।
-ओ पाकेट के मामले का जल्द निस्तारण कर नाला पूरा कराया जाएगा।
-खिर्वा रोड पर अतिक्रमण हटाने के बाद सड़क निर्माण नहीं किया गया है।- नितिन कपूर, श्रद्धापुरी।
-इसे दिखवाया जाएगा। जानकारी में नहीं है।
-विकास एंक्लेव में सीवर निकासी की व्यवस्था समुचित नहीं है। -विजय शर्मा, रोहटा रोड।
-संबंधित क्षेत्र के अवर अभियंता को भेजकर जानकारी ली जाएगी।
-वेस्टर्न कचहरी रोड पर मुहल्ले की गली की नाली चोक हो गई है। कोई सफाई नहीं होती।-मधुर गुप्ता, वेस्टर्न कचहरी रोड।
-सफाई निरीक्षक को भेजकर इसे दिखवाया जाएगा।
-चाणक्यपुरी गोल्डन टावर पुरानी कालोनी है। सीवर लाइन की समस्या है।-संदीप कुमार।
-सहायक अभियंता जलकल को समाधान के लिए भेजा जाएगा।
-वाल्मीकि मुहल्ले में नाली का पानी आ रहा है। गली की सड़क नहीं बन रही है।- रिंकू, माधवपुरम।
-टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है। जल्द कार्य शुरू होगा।
-गढ़ रोड राधा गोविंद इंस्टीट्यूट के पास सड़क पर बसें खड़ी होती हैं। इससे जाम लगता है।-जसवंत सिंह, गढ़ रोड।
-एसपी ट्रैफिक को इसकी जानकारी दी जाएगी। बसों का स्टैंड चिह्नित नहीं हैं। ये कार्रवाई यातायात पुलिस को करनी है।
-गंगानगर में नवनिर्मित सड़क की गुणवत्ता खराब है। रैंप तोड़ दिए गए हैं। इससे परेशनी है। -विवेक पाल, गंगानगर।
-निर्माण के इंजीनियरों को भेजकर इसे दिखवाया जाएगा।
-पठानपुरा में श्मशान स्थल पर नलकूप की मांग है। पेयजल के लिए लोग परेशानी होते हैं।-सुंदर सिंह, पठानपुरा।
-जलकल के सहायक अभियंता से निरीक्षण कराकर प्रस्ताव बनवाएंगे।
-डेरियों का गोबर नालों में बहाया जा रहा है। डेरियों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है।-मोहित बिंदल, शिवशंकरपुरी।
-जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।
-शिवचौक से खिर्वा रोड पर स्ट्रीट लाइट बंद होने से अंधेरा रहता है।- अनिल कुमार, कंकरखेड़ा।
-10 दिनों के भीतर यह व्यवस्था सुनिश्चित होगी।
-विक्टोरिया पार्क के आसपास के नाले-नालियों की सफाई न होने से परेशानी होती है। कूड़ा समय से नहीं उठता है।-अनिल अग्रवाल।
-टीम भेजकर सफाई कराई जाएगी।
-जगन्नाथपुरी की सड़क दो साल पहले वादे के बाद भी नहीं बनीं। आखिर कब तक गड्ढे में रहेंगे।- पुनीत कुमार।
-एक सड़क स्वीकृति हुई है। इसे चेक कराया जाएगा।

जागरण के 5 सवाल

-बरसात में इस बार पूरे शहर की नारकीय स्थिति रही। इससे आपने क्या सीखा? वह कौन सी पांच बड़ी समस्या, व्यवधान, अड़चन है जिसे अगले छह-सात महीने में दुरुस्त करेंगे ताकि शहरवासियों को फिर वर्षा ऋतु में उन समस्याओं से दो-चार न होना पड़े?

-पिछले साल की तुलना में इस बार जलभराव वाले क्षेत्रों में जलनिकासी के लिए अतिरिक्त पंप लगाए गए थे। पूरे सीजन की पहली बरसात में समस्या विकराल हो गई थी। जलभराव की समस्या ज्यादातर दिल्ली रोड नाले से जुड़ी है। दिल्ली रोड नाले का नये सिरे से निर्माण जल्द शुरू होने जा रहा है। अगले साल मानसून में उम्मीद है कि जलनिकासी बेहतर हो सकेगी। बच्चा पार्क चौराहे पर भूमिगत क्रासिंग जलनिकासी में अड़चन है। इसका नये सिरे से निर्माण होना है। कार्य के लिए मेडा के साथ जल्द इस पर निर्णय लिया जाएगा। डिफेंस कालोनी और गंगा कालोनी में पंपिंग स्टेशन निर्माण के लिए जल्द टेंडर करने जा रहे हैं।

बरसात बंद हो गई, लेकिन सड़क मरम्मत, नाला निर्माण जैसे काम अभी तक शुरू नहीं हुए। दीपावली के बाद वायु प्रदूषण की वजह से निर्माण कार्यों पर रोक लग जाएगी? ऐसे में टेंडर आदि की प्रक्रियाएं पहले क्यों नहीं पूरी कर ली गईं ताकि अब तक काम शुरू हो चुका होता और ग्रेप आदि के लागू होने से पहले पूरा कर लिया जाता?

-बरसात के चलते सड़क मरम्मत, नाला निर्माण जैसे काम शुरू करने में देरी हुई है। निर्माण कार्यों पर एक दिसंबर तक ग्रैप प्रभावी होने की संभावना रहती है। उससे पहले ये कार्य तेजी से निपटाए जाएंगे। अधिकांश कार्यों के लिए टेंडर हो चुके हैं, प्रक्रिया में है। डेढ़ महीने निर्माण कार्यों पर ही जोर रहेगा।

-प्रदूषण इस क्षेत्र की भी बड़ी समस्या बन चुका है? आपकी क्या योजना है शहर की हवा शुद्ध रखने की। वे कौन-सी बड़ी चुनौतियां हैं जो शहर की हवा खराब करती हैं?

-वायु प्रदूषण किसी एक वजह से नहीं होता है, कई कारण है। इसमें कई विभाग एक साथ काम करते हैं। निगम कूड़ा जलने की घटनाओं को रोकने के लिए ग्रैप लागू होने के साथ सख्ती करेगा। जुर्माना लगाया जाएगा। लोहिया नगर, मंगतपुरम में डंप कूड़ा भी दो महीने में समाप्त होने की स्थिति है। वाटर स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव, धूल नियंत्रण के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग से सफाई की जा रही है। ग्रीन बेल्ड विकसित की जा रही है। सड़क के गड्ढे भरने व किनारे कच्ची पटरी को समाप्त किया जा रहा है। चुनौती कूड़ा सड़क, नाले नालियों में फेंकने वालों को रोकने की है। इसमें जागरूक लोग सहयोग कर सकते हैं। ऐसे लोगों की सूचना निगम को देकर। ताकि उन्हें कूड़ा फेंकते पकड़ा जा सके और कार्रवाई की जा सके। वाहनों का धुआं और औद्योगिक इकाइयों की चिमनी से निकलने वाला धुआं चुनौती है। वायु सर्वेक्षण में ये बात सामने आ चुकी है।

-कूड़ा कलेक्शन से निस्तारण तक में कोई बदलाव होगा क्या? अगर हां तो क्या और कैसे?

-लोहिया नगर में सात लाख टन कूड़ा डंप था, अब दो लाख बचा है। मंगतपुरम में 1.70 लाख टन डंप था, 30 हजार टन बचा है। दो महीने में डंप कूड़ा समाप्त हो जाएगा। गांवड़ी में दो लाख टन कूड़ा डंप था, अब एक लाख टन बचा है। गांवड़ी में कूड़ा छंटाई प्लांट की क्षमता 600 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 1600 टन कर दी गई है। इसे दो महीने मे 2200 टन करने की योजना है। ठेके पर प्लांट का संचालन हो रहा है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 90 वार्डो के लिए दो हिस्सों में दो कंपनियों के चयन के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। 20 पोर्टेबल कांप्टेकर खरीदे जा रहे हैं। एमआरएफ सेंटर का संचालन बढ़ाया जा रहा है।

-आवारा कुत्ते पर नियंत्रण और पालतू कुत्तों के पंजीकरण की दिशा में नगर निगम सुस्त है। प्रतिबंधित नस्ल के कुत्ते आज भी पाले जा रहे हैं, कोई कार्रवाई नहीं हो रही। यह तस्वीर बदलेगी या आगे भी ऐसे ही चलता रहेगा?

-दो एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर है। कमेला स्थित सेंटर संचालित है। शंकर नगर वाला भी चालू करने जा रहे हैं। प्रतिदिन 130 आवारा कुत्तों का बंध्याकरण होगा। अभी 70 से 80 तक हो रहा है। परतापुर में आक्रामक कुत्तों के शेल्टर हाउस बनाने के लिए जमीन चिह्नित कर शासन को कार्य योजना भेजी गई है। पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए आनलाइन पोर्टल बनाने की दिशा में काम चल रहा है। 15 से 20 दिन में यह शुरू होने की स्थिति में होगा। प्रतिबंधित नस्ल के कुत्ते पालने की शिकायत आती है तो पशु पालक को चेतावनी दी जाती है। घटना सामने आने पर कुत्ते को जब्त भी किया जाता है।