मेरठ, जेएनएन। बलम पिचकारी जो तूने मुङो मारी.. जी हां इस बार होली पर प्लास्टिक की पिचकारी की जगह एक-दूसरे पर लोग रंगबिरंगे रंगों से भरी चांदी की पिचकारी से होली खेलेंगे। सिर्फ पिचकारी ही नहीं रंग वाला पानी भरने के लिए बाल्टी भी चांदी की ही होगी। इस बार जो चांदी की पिचकारी और बाल्टी है उनपर न सिर्फ आकर्षक नक्काशी की गई है, बल्कि बड़ी साइज वाली बाल्टी और पिचकारी पर सोने की पॉलिश भी हुई है। जिसे गंगा-जमुनी पिचकारी और बाल्टी का नाम दिया गया है। 15 ग्राम से पांच सौ ग्राम वजन वाली यह पिचकारी और बाल्टी सभी आकार और डिजाइन में आकर्षक लग रही हैं। तभी तो लोग इन्हें देखते ही हाथों हाथ ले रहे हैं।

पंजाब से दिल्ली तक है मांग

मेरठ में बनने वाली चांदी की पिचकारी और बाल्टी की मांग न सिर्फ कानपुर, इलाहाबाद, गाजियाबाद और आगरा-अलीगढ़ में है, बल्कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में भी इनकी डिमांड है। इनकी सबसे बड़ी खासियत है। इनपर की गई नक्काशी और डिजाइन जो इन्हें अन्य जगह बनने वाली पिचकारी और बाल्टी से अलग करते हैं। यहीं कारण है कि इनकी मांग अन्य प्रदेशों में तेजी से बढ़ रही है।

इनका है कहना

नील गली श्वेता ज्वैलर्स के दुकानदार राजेश सिंघलउ ने कहा कि  चांदी की पिचकारी और बाल्टी की मांग अन्य प्रदेशों में भी बढ़ रही हैं। लोग मेरठ की पिचकारी और बाल्टी को काफी पसंद भी कर रहे हैं। लेकिन अभी अंदाजा लगाना मुश्किल है कि इस बार बाजार कैसा रहेगा।

आकांक्षा ज्वैलर्स नील गली विपिन अग्रवाल नेे बताया कि हालांकि लोग चांदी की बाल्टी और पिचकारी को शौकिया तौर पर खरीदते हैं, लेकिन अब उपहार देने के लिए भी लोग इन्हें खरीद रहे हैं। इन्हें भी अन्य पिचकारी की तरह ही उपयोग में लिया जा सकता है। इनकी मांग तेजी से बढ़ रही हैं। 

Posted By: Prem Bhatt

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