CBSE स्कूलों में नशामुक्ति की शपथ लेंगे शिक्षक और छात्र, अभियान से 10 करोड़ लोगों को जोड़ने का लक्ष्य
सीबीएसई ने नशामुक्त भारत अभियान के तहत अपने सभी संबद्ध विद्यालयों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है। ...और पढ़ें

HighLights
स्कूलों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
हर स्कूल में एक नोडल शिक्षक की होगी नियुक्ति।
जागरण संवाददाता, मेरठ। नशे के बढ़ते खतरे से युवाओं को बचाने के लिए अब स्कूलों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। नशामुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) के छह वर्ष पूरे होने पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपने सभी संबद्ध विद्यालयों को विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
इसके तहत विद्यार्थियों और शिक्षकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी। स्कूलों में जागरूकता रैली, पोस्टर प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, वाद-विवाद और खेल गतिविधियों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभाव बताए जाएंगे। अभियान के प्रभावी संचालन के लिए हर विद्यालय में एक नोडल शिक्षक भी नियुक्त किया जाएगा।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने 15 अगस्त 2020 को राष्ट्रीय कार्ययोजना फार ड्रग डिमांड रिडक्शन (एनएपीडीडीआर) के तहत इस अभियान की शुरुआत की थी। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से मादक पदार्थों के सेवन के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना है।
छह वर्षों में यह अभियान देशव्यापी जनभागीदारी आंदोलन का रूप ले चुका है। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के विभागों के साथ शैक्षणिक संस्थान, स्वयंसेवी संगठन, आध्यात्मिक संस्थाएं और युवा समूह भी शामिल हैं। सीबीएसई की प्रोफेसर एवं निदेशक (एकेडमिक्स) डा. प्रज्ञा एम. सिंह के अनुसार इसके तहत राष्ट्रीय स्तर पर भी एक विशेष कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम की तिथि, समय और अन्य जानकारी अलग से साझा की जाएगी।
राष्ट्रीय कार्यक्रम से जुड़ेंगे 10 करोड़ लोग
राष्ट्रीय स्तर पर बड़े आयोजन के साथ तीन महीने का विशेष जागरूकता और जनभागीदारी अभियान चलाने की योजना है। इसका लक्ष्य 10 करोड़ लोगों को नशामुक्ति की शपथ और विभिन्न जागरूकता गतिविधियों से जोड़ना है। इसके लिए देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, जिलों, केंद्र सरकार के 53 मंत्रालयों एवं विभागों और हजारों संगठनों को एक मंच पर लाने की तैयारी है।
राष्ट्रीय कार्यक्रम के साथ ही विभिन्न राज्यों और जिलों में समानांतर गतिविधियां आयोजित होंगी। सभी सहभागी संस्थानों को नशामुक्ति की शपथ दिलाने के साथ अपने स्तर पर कम से कम एक प्रमुख जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना होगा। इन कार्यक्रमों को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से वर्चुअल माध्यम से भी जोड़ा जाएगा।
स्कूलों को पांच जिम्मेदारियां सौंपीं
सीबीएसई की सिटी कोआर्डिनेटर सपना आहूजा के अनुसार सीबीएसई ने विद्यालयों को पांच प्रमुख जिम्मेदारियां दी हैं:
- विद्यार्थियों और शिक्षकों को नशामुक्त भारत की ई-शपथ दिलाने के लिए प्रोत्साहित करना। इसके लिए https://nashamukt.dosje.gov.in/epledge लिंक जारी किया गया है। आनलाइन के साथ आफलाइन सामूहिक शपथ भी दिलाई जा सकती है।
- स्कूल परिसर में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता और संवेदनशीलता कार्यक्रम आयोजित करना।
- विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की राष्ट्रीय कार्यक्रम में आनलाइन भागीदारी सुनिश्चित करना।
- अभियान के संचालन और समन्वय के लिए एक नोडल शिक्षक नामित करना।
- आयोजित गतिविधियों की जानकारी, फोटो और वीडियो निर्धारित गूगल फार्म पर अपलोड करना।
रैली से नुक्कड़ नाटक तक होंगे आयोजन
अभियान के तहत जागरूकता गतिविधियों में व्यक्तिगत स्तर पर नशामुक्ति की शपथ, जागरूकता सामग्री का वितरण, इंटरनेट मीडिया पर प्रचार और नशामुक्ति मित्रों के रूप में लोगों को जोड़ना, समूह स्तर पर सामूहिक शपथ, जागरूकता सत्र, समूह चर्चा, परामर्श, कार्यशालाएं, सेमिनार और डाक्यूमेंट्री प्रदर्शन होंगे।
विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, निबंध, स्लोगन, वाद-विवाद, क्विज और रंगोली, खेलकूद, फ्लैश माब, नुक्कड़ नाटक और स्ट्रीट प्ले, स्कूलों, कालेजों और विश्वविद्यालयों में एंटी ड्रग क्लब और युवा क्लब बनाने, प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने और पंचायतों और ग्राम सभाओं के साथ जागरूकता बैठकें करने, नशे के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और उनकी मैपिंग भी की जाएगी। इसके साथ ही नशे की लत से जूझ रहे लोगों और उनके परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14446 का प्रचार भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
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