मेरठ,जेएनएन। सीबीएसई की ओर से 12वीं के बोर्ड परीक्षा रिजल्ट में 10वीं के परीक्षा परिणाम को भी आधार बनाने को स्कूल अच्छी पहल मान रहे हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि 12वीं की बोर्ड परीक्षा के पहले 10वीं ही अंतिम बोर्ड परीक्षा थी। इसके जरिए छात्रों का हाईस्कूल और इंटरमीडिएट को मिलाकर इस साल 12वीं का रिजल्ट तैयार हो सकेगा। सीबीएसई ने रिजल्ट बनाने के लिए अपनी टेबुलेशन पालिसी भी गुरुवार शाम को जारी की है।

10वीं के बेस्ट तीन विषय

12वीं की बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट तैयारी करने के लिए 10वीं के पांच में से तीन बेहतरीन प्रदर्शन वाले विषयों के अंक का औसत निकाला जाएगा। 12वीं के रिजल्ट में 30 फीसद अंक 10वीं की बोर्ड परीक्षा से होंगे। 30 फीसद ही अंक 11वीं की वार्षिक परीक्षा से होंगे और शेष 40 फीसद अंक 12वीं से यूनिट टेस्ट, मिड टर्म और प्री-बोर्ड के अंक से लिए जाएंगे। इस लिहाज से 12वीं के रिजल्ट में तीनों साल के रिजल्ट का औसत रहेगा।

12वीं के रिजल्ट की भी बनेगी समिति

10वीं के रिजल्ट के लिए सीबीएसई ने स्कूलों में सात सदस्यीय समिति बनवाई थी। वहीं, 12वीं के रिजल्ट के लिए भी हर स्कूल में पांच सदस्यीय समिति का गठन करने को कहा गया है। इस समिति के चेयरपर्सन स्कूल के प्रिंसिपल होंगे। इनके अलावा कक्षा 12वीं को पढ़ाने वाले वरिष्ठ शिक्षक और उसी स्तर के दो शिक्षक आसपास के स्कूल से होंगे। 12वीं के रिजल्ट में भी 10वीं की ही तरह पिछले तीन सालों के बेहतरीन प्रदर्शन वाले वर्ष का रिजल्ट को आधार मानकर औसत निकाला जाएगा।

मिलेगा परीक्षा का मौका भी

12वीं की बोर्ड परीक्षा के परिणाम से असंतुष्ट छात्र-छात्राओं को दोबारा बोर्ड परीक्षा देने का मौका मिलेगा। असंतुष्ट छात्रों के अलावा प्राइवेट छात्रों, पत्राचार के छात्रों और कंपार्टमेंट के छात्रों की बोर्ड परीक्षा होगी। इसकी आनलाइन या आफलाइन पर निर्णय बाद में लिया जाएगा।

इनका कहना है..

समय और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए रिजल्ट का फार्मूला अच्छा है, लेकिन इससे संतुष्टि नहीं मिलेगी। जब प्राइवेट, पत्राचार व कंपार्टमेंट की परीक्षा होनी ही है तो सुरक्षा इंतजाम कर बच्चों की परीक्षा कराई जा सकती है। इस तरह के सभी फार्मूले में कोई न कोई कमी रह ही जाएगी।

-एके दुबे, प्रिंसिपल, दीवान पब्लिक स्कूल

इस टेबुलेशन पालिसी में सीबीएसई ने 12वीं के रिजल्ट को हरसंभव को पारदर्शी और अच्छा बनाने की कोशिश की है। आशा है कि छात्रों को रिजल्ट में उनकी मेहनत का पूरा फल मिलेगा।

-रिचा शर्मा, एडवाइजर, एमपीएस ग्रुप स्कूल

सीबीएसई को देशव्यापी एक फार्मूला बनाना था। उस लिहाज से यह सबसे अच्छी पालिसी है। पूरे साल विभिन्न स्कूलों ने अलग-अलग तरीके से पढ़ाई और परीक्षा कराई है। इसीलिए देश भी के सभी सहोदय स्कूल काम्प्लेक्स, संस्थान व वरिष्ठ प्रधानाचार्यो से सुझाव लेकर यह पालिसी बनाई है। इस पालिसी से जो रिजल्ट तैयार होगा, वह सटीकता के बेहद निकट होगा। इसमें 10वीं का रिजल्ट भी शामिल किया जाना अच्छा निर्णय है।

-राहुल केसरवानी, सचिव, मेरठ स्कूल सहोदय काम्प्लेक्स

सीबीएसई ने रिजल्ट तैयार करने के लिए बेहतरीन होमवर्क किया है। इस फार्मूले के जरिए हर छात्र का पूर्ण मूल्यांकन हो सकेगा। जिसमें कक्षा 10वीं से 12वीं तक की पूरी पढ़ाई शामिल होगी।

-गोपाल दीक्षित, प्रिंसिपल, बीडीएस इंटरनेशनल स्कूल

इतने मंथन के बाद सीबीएसई ने जो पालिसी बनाई है वह पूरे देश के लिए समान है जिससे एक ही नियम के अनुरूप सभी के रिजल्ट जारी हो सकें। उस लिहाज से पालिसी अच्छी लग रही है।

-अनुज शर्मा, प्रबंधक, सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल

स्कूली शिक्षा में बोर्ड परीक्षा ही मूल्यांकन का सही मापदंड है जिसे हर छात्र अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। जो भी रिजल्ट आए उसे वह स्वीकार भी करते हैं। लेकिन इस बार उन्हें वह मौका नहीं मिल सका। वहीं रिजल्ट में 10वीं के अंक जोड़े जाने को कुछ बच्चे अच्छा इसलिए नहीं मान रहे हैं क्योंकि 10वीं के विषयों को बच्चे कक्षा एक से ही पढ़ते हुए आते हैं जबकि 12वीं में स्ट्रीम के अनुसार पढ़ते हैं। अब जो भी रिजल्ट आए छात्रों व अभिभावकों को स्कूल पर भरोसा रखना चाहिए और स्कूल समितियों को भी बच्चों के हित को ध्यान में रखना चाहिए।

-सुधांशु शेखर, सिटी कोआर्डिनेटर, सीबीएसई