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CBI ने 3.63 करोड़ के बैंक घोटाले में 9 साल से फरार महिला को हरिद्वार से किया गिरफ्तार, कोर्ट ने घोषित किया था भगोड़ा

By Sushil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sat, 10 Oct 2026 02:00 PM (GMT+05:30)

Meerut News: सीबीआई ने पंजाब एंड सिंध बैंक के 3.63 करोड़ रुपये के ऋण धोखाधड़ी मामले में नौ साल से ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो

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HighLights

  1. मेरठ में फर्जी दस्तावेजों पर बांटे गए थे 26 ऋण।

  2. 59 आरोपितों के खिलाफ दाखिल हुई थी चार्जशीट।

जागरण संवाददाता, मेरठ। पंजाब एंड सिंध बैंक की मेरठ स्थित शाखा से 3.63 करोड़ रुपये के ऋण धोखाधड़ी मामले में सीबीआइ ने भगोड़ा घोषित महिला कविता को हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। आरोपित वर्ष 2017 से अदालत में पेश नहीं हो रही थी। तकनीकी सुरागों और लगातार प्रयासों के बाद सीबीआइ ने शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर गाजियाबाद की सक्षम अदालत में पेश किया।

अदालत ने उसे 21 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सीबीआइ के अनुसार, मामले में 30 मार्च 2012 को मुकदमा दर्ज किया। आरोप है कि 10 अगस्त 2010 से 24 मई 2011 के बीच पंजाब एंड सिंध बैंक की दीवान पब्लिक स्कूल स्थित शाखा के तत्कालीन प्रबंधक ने अन्य आरोपितों के साथ मिलकर फर्जी पहचान और आय प्रमाणपत्रों के आधार पर 24 हाउसिंग लोन और संपत्ति के बदले दो ओवर ड्राफ्ट ऋण स्वीकृत किए थे। इन ऋणों की कुल राशि करीब 3.63 करोड़ रुपये थी। मुकदमा में शाखा प्रबंधक के साथ 46 अन्य लोगों का भी उल्लेख किया गया था।

59 आरोपितों के खिलाफ दाखिल हुई थी चार्जशीट

जांच पूरी होने के बाद सीबीआइ ने 26 नवंबर 2014 को 59 आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इनमें कविता भी शामिल थी, लेकिन वह शुरुआत से ही अदालत में पेश नहीं हुई। उसे अदालत में बुलाने के लिए लगातार समन जारी किए गए। इसके बावजूद पेश न होने पर उसके खिलाफ जमानती और गैर-जमानती वारंट जारी किए गए।

2017 में घोषित हुई थी भगोड़ा 

अदालत में पेश न होने पर 14 अप्रैल 2017 को कविता को भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। इसके बाद 11 मई 2017 को उसके खिलाफ स्थायी गैर-जमानती वारंट जारी किया गया और उसका मामला सुनवाई का सामना कर रहे अन्य आरोपितों से अलग कर दिया गया। सीबीआइ ने तकनीकी सुरागों के आधार पर उसका पता हरिद्वार में लगाया और नौ अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया।