मेरठ, जागरण संवाददाता। लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित प्रवक्ता महिला-पुरुष प्रारंभिक परीक्षा 2020 के बायोलॉजी का पेपर देने प्रदेश भर से अभ्यर्थी मेरठ पहुंचे। उन्‍होंने बायोलॉजी के प्रश्नों को बेहद आसान और सामान्य ज्ञान के पेपर को औसत से ऊपर बताया। छात्रों को परीक्षा के लिए केंद्र चयन का अधिकार न मिलने से परेशानी हुई लेकिन आसान पेपर उनके चेहरे पर मुस्कान लाने में सहायक रहा। अब मुख्य परीक्षा 19 दिसंबर को होगी और अभ्यर्थियों को लग रहा है कि मुख्य परीक्षा के तुरंत बाद ही चयन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी और संभवत फरवरी-मार्च तक चयन भी पूरा किया जा सकता है।

परीक्षा के लिए मेरठ में बने 88 परीक्षा केंद्र

मेरठ में पीजीटी परीक्षा के लिए 39,985 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से बहुत से अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहे। अभ्यर्थियों की माने तो 24 अभ्यर्थियों के कक्ष में कहीं छह, सात, आठ या 10 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। शेष अनुपस्थित रहे। परीक्षा के लिए मेरठ में 88 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। अभ्यर्थियों की अनुपस्थिति का एक कारण यह भी हो सकता है कि बायोलॉजी के पेपर के लिए प्रदेश भर के अभ्यर्थियों का सेंटर मेरठ ही पड़ा था। इससे दूर से आने वाली महिला अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपस्थित रही हैं।

गोरखपुर से परीक्षा देने आए एनएएस कॉलेज में पहुंचे सुशील कुमार गुप्ता ने बताया कि वह सुबह ही परीक्षा देने के लिए गाजियाबाद ट्रेन से पहुंचे और वहां से बस के जरिए मेरठ आए। सुशील ने पेपर को औसत बताया। बताया कि विषय का पेपर बहुत ज्यादा ही आसान था, लेकिन सामान्य ज्ञान का पेपर पीसीएस स्तर का पूछा गया। आजमगढ़ से आए शरत कुमार ने बताया कि सभी प्रश्न सही थे। पेपर में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं मिली। 19 दिसंबर को मुख्य परीक्षा है और आशा है कि उसमें भी सफल होकर जल्दी नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा कि संभव है कि इसी सत्र में नियुक्ति पूरी कर ली जाए। प्रयागराज के कमलेश कुमार ने बताया कि बायोलॉजी के पेपर में अधिकतर अभ्यर्थियों के लिए 80 फीसद से अधिक प्रश्न आसान ही रहे होंगे। बताया कि परीक्षा की मेरिट सामान्य ज्ञान के प्रश्नों के आधार पर ही बन सकती है। संभव कटऑफ नीचे आने की संभावना

दिल्ली से आई अनन्या ने बताया कि पेपर बहुत अच्छा रहा। उन्होंने जीके को औसत से थोड़ा ऊपर और बायोलॉजी के प्रश्नों को औसत बताया। जल्द नियुक्ति पर आशा व्यक्त करते हुए अनन्या ने कहा कि बहुत से अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे हैं, इसलिए कट ऑफ पर इसका असर पड़ सकता है। संभव है कि कटऑफ नीचे भी जा सकती है। अनन्या ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के लिए केंद्र चयन का अवसर नहीं मिलता है। इससे बहुत से अभ्यर्थियों को केंद्र जानने के बाद परीक्षा छोड़नी पड़ती है।

 

Edited By: Prem Dutt Bhatt