मेरठ, जेएनएन। पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (पीटीएस) में फर्जी तरीके से प्रशिक्षण लेती पकड़ी गई युवती का सनसनीखेज प्रकरण भले ही शासन स्तर तक गूंजा हो, पर पुलिस की कार्रवाई में लीपापोती कर निपटा दिया गया। पुलिस महकमे को पूरी तरह सेफ कर विवेचक ने युवती के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया, जबकि युवती के पास सीओ लखीमपुर खीरी की ओर से जारी परिचय पत्र भी मिला था। युवती सिर्फ एक प्रशिक्षण सेंटर में नहीं रही, बल्कि उप्र के कई केंद्रों में प्रशिक्षण लेते हुए मेरठ तक पहुंची थी।

पुलिस के आरोप पत्र में दर्शाया युवती ने ही रचा था पूरा चक्रव्यूह

सीओ किठौर आलोक कुमार ने बताया कि पुलिस की विवेचना में सामने आया कि बिजनौर के नहटौर क्षेत्र की रहने वाली इस युवती ने ही पूरा चक्रव्यूह रचा था। उसने मुरादाबाद में मौखिक परीक्षा दी, जिसमें वह फेल हो गई। इसके बावजूद भी परिवार की आंखों में धूल झोंककर मेरठ पीएसी में फिजिकल कराने पहुंची। वर्दी और नेम प्लेट भी बनवा ली। परिवार के लोगों को धोखे में रखकर खुद को पुलिस के बेड़े में शामिल करना चाहती थी। सीओ की ओर से परिचय पत्र बनाने पर भी पुलिस का कहना है कि फर्जी मुहर बनाकर युवती ने ऐसा किया। यानि पूरे प्रकरण में युवती को दोषी मानते हुए आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया, जबकि सिपाही कपिल को क्लीनचिट दे दी गई।

इन सवालों से पुलिस कार्रवाई कठघरे में

  • क्या अकेली युवती मौखिक परीक्षा में फेल होने के बाद फिजिकल में प्रवेश की हिम्मत कर सकती है।
  • बिजनौर के जिस सिपाही ने थाने से लेकर अन्य कागजात वेरीफिकेशन कराए, उसका कोई कसूर नहीं।
  • सीओ की मुहर लगा हुआ परिचय पत्र बनाने का दुस्साहस क्या एक गांव की लड़की कर सकती है।
  • लखीमपुर खीरी के ट्रेनिंग सेंटर में दस दिनों तक बतौर प्रशिक्षु बनकर युवती रही कोई भांप नहीं पाया।
  • क्या युवती नेम प्लेट और वर्दी बनवाकर खुद महिला प्रशिक्षु होने का दावा कर सकती है।
  • युवती लखीमपुर खीरी, रायबरेली और मुरादाबाद के बाद मेरठ पहुंची, तब पकड़ी गई, क्या खुद एक दूसरे सेंटर पर जा सकती है।

ये था मामला

खरखौदा थाने के हापुड़ रोड पर पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (पीटीएस) में 18 जून की रात हवलदार मेजर औतारी सिंह ने महिला प्रशिक्षुओं की गिनती के दौरान फर्जी ट्रेनिंग लेते एक युवती को पकड़ा। युवती लखीमपुर खीरी, बरेली, रायबरेली, मुरादाबाद में ट्रेनिंग के दौरान रह चुकी है। युवती की तलाशी के दौरान लखीमपुर खीरी की सीओ लाइन श्रेष्ठा ठाकुर का हस्ताक्षर हुआ परिचय पत्र भी मिला था। वर्दी और नेम प्लेट भी उसने खीरी में बनवाई थी। यानि लखीमपुर खीरी के ट्रेनिंग सेंटर में बतौर प्रशिक्षु वह 12 दिन तक रही है। मेरठ की पीटीएस में युवती को पकड़ लिया। पुलिस की विवेचना में सामने आया कि बिजनौर में तैनात एक सिपाही ने युवती को पुलिस में भर्ती कराने का झांसा दिया। 

Posted By: Taruna Tayal

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