एडीएम सिटी बृजेश सिंह बने मेडा सचिव, मेरठ में अवैध निर्माणों पर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामलों की चुनौती
एडीएम सिटी बृजेश सिंह को मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) का सचिव नियुक्त किया गया है। उन्हें सुप्रीम कोर्ट में चल ...और पढ़ें

HighLights
एडीएम सिटी बृजेश सिंह को मेरठ विकास प्राधिकरण का सचिव नियुक्त किया गया।
सुप्रीम कोर्ट में अवैध भवनों की सुनवाई मेडा के लिए बड़ी चुनौती।
अवैध निर्माणों पर कार्रवाई और सर्वे की जिम्मेदारी बृजेश सिंह पर।
जागरण संवाददाता, मेरठ। प्रदेश शासन द्वारा शनिवार को किए गए पीसीएस अधिकारियों की तबादला सूची में मेरठ के दो अधिकारी भी शामिल हैं। एडीएम सिटी बृजेश सिंह को शासन ने यहीं पर मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) का सचिव बनाया है जबकि अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी को सहारनपुर में एडीएम प्रशासन पद पर तैनाती दी है। वर्तमान में सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई मेडा अधिकारियों के लिए चुनौती है।
इसी मामले में कोर्ट में सही तरीके से पैरवी न करने के आरोप में शासन ने पूर्व सचिव को हटाया था। कोर्ट के आदेश के मुताबिक अवैध भवनों पर कार्रवाई कराना और तीन अन्य जोन में अवैध भवनों का सर्वे करके रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी अब बृजेश सिंह के कंधों पर होगी।
मेडा में सचिव का पद चुनौती भरा
शासन ने प्रतापगढ़ के एडीएम वित्त आदित्य कुमार प्रजापति को नया एडीएम सिटी नियुक्त किया है जबकि नगर निगम में लवी त्रिपाठी के स्थान पर एसडीएम सिद्धार्थनगर राजेश कुमार को अपर नगर आयुक्त बनाया है। वर्तमान में मेडा में सचिव का पद चुनौती भरा है।
सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में व्यवसायिक निर्माण का मामले में सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका की सुनवाई का दायरा बढ़कर अब शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भी जा पहुंचा है। न्यायालय ने मेडा अधिकारियों को शहर के चारों जोन में नियम विरुद्ध हुए निर्माण का सर्वे करके रिपोर्ट मांगी है।
कोर्ट में प्रस्तुत की गई जोन में चिह्नित 16,726 अवैध निर्माण की सूची में शामिल भवनों को कोर्ट ने सील करने का आदेश दिया है। वहीं उल्देपुर क्षेत्र में बसी अवैध और कच्ची कालोनियों की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित किया है। इन सभी कार्रवाई की जिम्मेदारी मेडा अधिकारियों की है। बृजेश कुमार को अब इन्हीं चुनौतियों का सामना करना होगा।
