मेरठ, जेएनएन। कोरोना संक्रमण में गिरावट के साथ ही ब्लैक फंगस में भी तेजी से कमी आई है। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि 5738 सैंपलों की जांच में 13 में वायरस मिला है वहीं 66 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया। 106 मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। वर्तमान में जिले में 261 एक्टिव मरीज हैं। 58 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया। वहीं, मेडिकल कालेज में कोरोना मरीजों की संख्या 11 रह गई है। मंगलवार को दो नए मरीज भर्ती हुए। जबकि ब्लैक फंगस वार्ड में 26 मरीज भर्ती हैं, जिसमें छह आइसीयू में रखे गए हैं। लेकिन कोरोना को लेकर अभी भी हमें पूरी सावधानी बरतनी होगी। कोविड गाइडलाइन का पूरा-पूरा पालने के बाद ही हम इस वायरस से बचाव कर सकते हैं।

दूसरी लहर में मेरठ पर भारी

मेरठ में कोरोना की दूसरी लहर में वायरस पूरी तरह बेकाबू रहा। पिछले साल में कुल 22 हजार मरीज मिले थे, लेेकिन इस बार एक मार्च से अभी तक रिकार्ड संख्या में मरीज मिले। मंडल के सभी अस्पताल मरीजों से भर गए। पिछली लहर में गाजियाबाद में ज्यादा मरीज थे। इस बार भी वहां कांटेक्ट ट्रेसिंग ज्यादा रही, लेकिन वायरस मेरठ में ज्यादा संक्रमित हुआ। अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. राजकुमार ने बताया कि शासन ने दूसरी लहर के संक्रमण की समीक्षा की है।

मंडलवार तैयार की रिपोर्ट

मंडलवार तैयार की गई रिपोर्ट के मुताबिक पिछले तीन माह के दौरान वायरस ने सभी जिलों में तबाही मचा दी। ऐसे भयावह हालात पहले नहीं देख गए। मरीजों के संपर्क में आने वालों की ट्रेसिंग में मेरठ पीछे रहा, लेकिन मरीजों की संख्या फिर भी अधिक रही। यहां पर घनी आबादी, संक्रमण के बावजूद लापरवाही, अस्पतालों की संख्या ज्यादा होने की वजह से तीमारदारों की ज्यादा आवाजाही संक्रमण की बड़ी वजह रही। दर्जनभर पाकेट ऐसे मिले, जहां एकह्य ही दिन में सौ से ज्यादा नए मरीज मिले।

एक मार्च से अब कहां कितने मरीज मिले

जिला कोरोना मरीज

मेरठ 44360

गाजियाबाद 27838

गौतमबुद्धनगर 34090

बुलंदशहर 13460

हापुड़ 7920

बागपत 6803

Edited By: Prem Dutt Bhatt