मेरठ, [संतोष शुक्ल]। राजनीतिक महाभारत के बीच हस्तिनापुर से भाजपा ने सटीक तीर छोड़ा है। नागरिकता कानून के बहाने पार्टी ने पहली सभा में बंगाली और पंजाबी समुदाय को तवज्जो देकर दूर तक संदेश दिया है। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान की बात करें तो इन्हीं दोनों समुदायों का ज्यादा उत्पीड़न किया गया है। विधायक दिनेश खटीक खुद मानते हैं कि हस्तिनापुर विस में 20 हजार से ज्यादा बंगालियों की नागरिकता अटकी होने से वे कई योजनाओं से वंचित हैं। इसी बहाने 22 जनवरी को रक्षामंत्री राजनाथ की रैली से पहले भाजपा ने सियासी पारा भी नाप लिया।

बंगालियों के दर्द पर मरहम

भाजपा ने नागरिकता कानून पर लोगों का भरोसा जीतने के लिए प्रदेश में छह रैलियों का रोडमैप बनाया है। किंतु प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव की यह रैली अलग है। विधायक दिनेश खटीक प्रदेश इकाई को यह समझाने में सफल रहे कि इस वक्त बंगाली व पंजाबी समुदाय को भरोसे में लेकर बड़ा संदेश दिया जा सकता है। पार्टी की बनाई पटकथा पर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने सटीकता से अमल किया। इसी कड़ी में मंच पर बंगाली और पंजाबी समुदाय के दर्जनों लोगों को प्रदेश अध्यक्ष ने सम्मानित किया। वे जहां अपनी मिट्टी से हजारों किमी दूर दशकों से बसे बंगालियों के दर्द पर नागरिकता का मरहम लगाते नजर आए, वहीं केंद्र एवं राज्य की योजनाओं से लाभांवित होने का भरोसा भी जगाया।

सांसद ने जोड़ा भावनात्मक तार

सटीक रणनीति के तहत पश्चिम बंगाल के सांसद जगन्नाथ सरकार और एक विधायक को भी बुलाया गया था। सांसद ने पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया। बंगाली भाषा में अपने समुदाय से बात करते हुए भावनात्मक धारा भी जोड़ा। स्पष्ट घुसपैठियों को बाहर करने की मांग करने वाली ममता अब उनके समर्थन में धरना दे रही हैं। दीदी तुष्टीकरण की वजह से बवालियों के साथ हो गईं।

बंगाली इमोशन को छुआ

भाजपा सांसद ने ममता पर हमला के बहाने सांप्रदायिक कार्ड खेला। क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी ने भी जनसंघ के संस्थापक डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जिक्र करते हुए बंगाली इमोशन को छुआ। हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में बड़ी संख्या में पंजाबी रहते हैं, जिन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को तलवार भेंटकर अपना वजूद बढ़ाया।

कांग्रेस पर बोला हमला

स्वतंत्र देव सिंह ने बंगाली समुदाय को संबोधित करते हुए प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को घेरा। कहा कि नेहरू ने कहा था..हमें हिन्दू न कहो, जिसे कोई बर्दाश्त कैसे कर सकता है? उन्हें देश के बंटवारे का दोषी बताया। इंदिरा गांधी को गोभक्तों का व राजीव गांधी को सिखों का हत्यारा बताया। कहा कि सोनिया ने राम को नकारा तो राहुल गांधी ने गरीब व चाय बेचकर राष्ट्रवाद की सीढ़ियां चढ़ते हुए प्रधानमंत्री बनने वाले नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी की, वो खानदान किसी वर्ग का भला नहीं कर सकता। इधर, परीक्षितगढ़ में पश्चिमी उप्र का सबसे ऊंचा झंडा लहराकर पार्टी ने राष्ट्रवाद का भी तीर चला दिया। नागरिकता कानून के क्षेत्रीय संयोजक मोहित बेनीवाल बताते हैं कि पश्चिमी उप्र में सीएए का विरोध उग्र रहा, जहां पार्टी खास होमवर्क कर रही है।

बेटी से गुटखा मत मंगवाना

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बंगाली परिवारों से नशाखोरी से दूर रहने की अपील की। कहा कि बेटियों से गुटखा न मंगाएं, पत्नी पर हाथ न उठाएं। शराब न पिएं, बुजुर्गो की सेवा करें, इससे समाज स्वस्थ बनेगा।

छह साल में एक भी बम नहीं दगा

मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि सीमापार से आतंक फैलाने वालों के पर काट दिए गए। छह साल में देश में एक भी बम नहीं दगा। पाकिस्तान की सीमा में घुसकर स्ट्राइक की। अब मोदी के हाथ में देश और योगी के हाथ में प्रदेश सुरक्षित है। दुनिया मोदी का लोहा मान रहा है।

ममता पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल के राना घाट से सांसद जगन्नाथ सरकार ने नेहरू-लियाकत के समझौते पर कांग्रेस को घेरा। कहा कि तीन देशों में हिन्दुओं का उत्पीड़न हुआ, जिनके मान सम्मान की रक्षा अब भाजपा सरकार ने की है। ममता बनर्जी पर कहा कि वह पहले घुसपैठियों को बाहर करने के लिए संसद में हंगामा करती थीं, लेकिन वोटबैंक के लालच में घुसपैठियों की समर्थक बन चुकी हैं।

यह लोग रहे मौजूद

बंगाल के विधायक दुलालचंद वर भी मौजूद थे। राज्यसभा सदस्य कांता कर्दम, क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी, विधायक सत्यवीर त्यागी, सोमेंद्र तोमर, संगीत सोम, कुलविंदर सिंह, मुकेश सिंघल, अनुज राठी, विमल शर्मा, मनिंदरपाल, मुखिया गुजर्र, संजय त्यागी, जगत सिंह, जितेंद्र वर्मा, हरवीर पाल, संदीप प्रधान, देवेंद्र गुर्जर, संजय प्रजापति, इंद्रपाल बजरंगी, आशीष सिंह समेत कई अन्य उपस्थित रहे। 

Posted By: Prem Bhatt

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