राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा की रणनीति तैयार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कुमार विश्वास की दावेदारी मजबूत
राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश से अपने प्रत्याशियों की घोषणा जल्द कर सकती है। कवि कुमार विश्वास ...और पढ़ें

पश्चिमी यूपी से कुमार विश्वास की दावेदारी मजबूत।
HighLights
पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भाजपा राज्यसभा उम्मीदवारों पर मंथन जारी।
कवि कुमार विश्वास और डॉ. सत्यपाल सिंह प्रमुख दावेदार।
भाजपा रालोद गठबंधन के तहत जाट नेताओं को साधने की रणनीति।
प्रदीप द्विवेदी, मेरठ। राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा अपने प्रत्याशियों की घोषणा एक- दो दिन में कर सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बागपत के पूर्व सांसद सत्यपाल सिंह, मुजफ्फरनगर के पूर्व सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, थानाभवन के पूर्व विधायक और पूर्व गन्ना मंत्री सुरेश राणा, लगातार तीन बार सांसद रहे राजेंद्र अग्रवाल के नामों की चर्चा चल रही है।
इसी में लोकप्रिय कवि कुमार विश्वास का भी नाम भी सामने आया है। कहा जा रहा है कि जहां-जहां रालोद की मजबूत दावेदारी है, वहां किसी भी संभावित टकराव को टालने के लिए उस क्षेत्र के अपने प्रभावशाली नेताओं को राज्यसभा में समायोजित करने की पार्टी की योजना है।
राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) से गठबंधन के बीच भाजपा अपने जाट नेताओं को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में डा.संजीव बालियान जाट समाज के प्रमुख चेहरे हैं। मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर भले ही सपा के हरेंद्र मलिक 2024 में चुन लिए गए थे लेकिन बालियान का प्रभाव अभी भी बरकरार है।
उनका नाम सबसे तेजी से इसलिए भी सामने आया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सहारनपुर जाते समय बालियान के स्वागत समारोह को तवज्जो दी थी। बालियान को शीर्ष नेतृत्व की भी पसंद माना जाता रहा है। उधर, 2014 के चुनाव में बागपत लोकसभा सीट पर भाजपा ने मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर डा. सत्यपाल सिंह को मैदान में उतारकर सभी को चौंकाया था।
रालोद के अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह को हराकर वह भाजपा के जाट सांसद बने। सरकार बनने पर वह केंद्रीय मंत्री भी बनाए गए। 2019 के चुनाव में उन्हें पार्टी ने फिर मैदान में उतारा। तब उनके सामने आए रालोद के जयंत चौधरी। सत्यपाल दूसरी बार सांसद बने।
2024 में भाजपा का रालोद से गठबंधन हो गया जिससे यह सीट रालोद के हिस्से में चली गई। वर्तमान में यहां रालोद से डॉ. राजकुमार सांगवान सांसद चुने गए। इसीलिए अब चर्चा है कि डॉ. सत्यपाल सिंह को राज्यसभा भेज सकती है। संभावित नामों में कुमार विश्वास का नाम सबसे अधिक मजबूत माना जा रहा है। हालांकि कुमार विश्वास पिछली भी वास्तविक सूची से चूक गए थे।
क्षत्रिय समाज में मजबूती बनाए रखने के लिए सुरेश राणा के नाम पर भी चर्चा है। दरअसल, विजय पाल सिंह तोमर इसी समाज से राज्यसभा सदस्य रहे हैं। संगठन के क्षेत्रीय अध्यक्ष पद से हाल ही में सत्येंद्र सिसोदिया को हटाया है। सुरेश राणा को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाकर फिर से संगठन में लाया गया, इसलिए राणा के नाम को भी संभावित माना जा रहा है। वह बंगाल चुनाव में प्रमुख भूमिका में रहे थे।
