बुलंदशहर, जागरण संवाददाता। सत्ता के नशे में दबंगई को लेकर चर्चाओं में रहने वाले भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल सिसौदिया ने अब बीएसए को उनके सरकारी आवास पर जाकर धमकाया और अभद्रता की है। आरोप है कि जिलाध्यक्ष बीएसए को धमकाने के लिए आठ से दस गुंडों को लेकर उनके आवास पर पहुंचे थे। पत्नी और बेटी के सामने मिली धमकी और हुई अभद्रता भयभीत बीएसए ने डीएम, एसएसपी, बेसिक शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री से शिकायत की है। जिलाध्यक्ष अब तक कई बार इस तरह के विवादों में आ चुके हैं।

यह है मामला

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीके शर्मा ने बताया कि बुधवार की सुबह 11:30 बजे भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल सिसौदिया आठ से दस गुंडों को साथ लेकर उनके आवास पर पहुंचे। पिछले तीन दिन से वायरल होने के कारण वह दवा लेकर घर पर ही आराम कर रहे थे। बाहर से आवाज आने पर वह कमरे से बाहर निकले और जिलाध्यक्ष को नमस्कार किया। नमस्कार को नजर अंदाज कर जिलाध्यक्ष ने अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए जमकर अभद्रता की। गाली-गलौच करते हुए जिलाध्यक्ष ने पूछा कि फोन क्यों नहीं उठा रहा है। इस पर बीएसए ने कहा कि तबीयत खराब है तो जिलाध्यक्ष ने कहा कि तबीयत दो मिनट में ठीक कर दूंगा। इसके बाद जिलाध्यक्ष के साथ आए एक गुंडे ने एक पत्र बीएसए को दिया। पत्र देने के बाद जिलाध्यक्ष बीएसए से फिर बोला कि बता तू ये एडमिशन कराएगा या नहीं। इस पर बीएसए ने जवाब दिया कि सर प्रयास करूंगा। इस पर जिलाध्यक्ष फिर से भड़क और गाली गलौच करते हुए धमकी दी।

दाख‍िले करने पर दी धमकी

बीएसए ने कहा कि एडमिशन नियमानुसार ही होते हैं निजी स्कूलों पर नियमविरुद्ध दाखिले के लिए दबाव नहीं बना सकते हैं। तेज आवाज और अभद्रता सुनकर उनकी पत्नी, बेटी और नौकर घर के बाहर आए गए। धमकी और अभद्रता से भयभीत बीएसए ने तत्काल बेसिक शिक्षा मंत्री को फोन करके घटना से अवगत कराया और शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ जिलाधिकारी सीपी सिंह, सीडीओ, एसएसपी, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा और मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है।मुफ्त दाखिले को लेकर विवाद-जिलाध्यक्ष सीबीएसई के निजी स्कूलों में बिना आरटीई से नंबर आए भी सत्ता की हनक में मुफ्त में अपने चहेतों के दाखिले कराना चाहते हैं। इसको लेकर पहले भी बीएसए और अन्य शिक्षा अधिकारियों को फोन किए गए हैं।ऊर्जा निगम की एसडीओ से की थी अभद्रता-सत्ता के नशे में चूर अनिल सिसौदिया का दबंगई का ये कोई पहला मामला नहीं है। तीन माह पहले ऊर्जा निगम की महिला एसडीओ से जिलाध्यक्ष ने अभद्रता करते हुए गाली गलौच की थी। महिला ने ऊर्जा निगम के एमडी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके अलावा बिजलीकर्मियों को अगवा कर पीटने का आरोप भी अनिल सिसौदिया पर लग चुका है।

पत्रकार के साथ की थी मारपीट

इसी साल 29 अप्रैल को चांदपुर रोड पर रहने वाले एक लोकल चैनल के पत्रकार मनोज गिरि के साथ मारपीट करने का आरोप भी भाजपा जिलाध्यक्ष पर लग चुका है। पुलिस ने सत्ता के दबाव में सुनवाई नहीं की तो पीड़ित पत्रकार ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर कोर्ट ने आगामी पांच सितंबर को जिलाध्यक्ष को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।भाजपानेत्री ने भी लगाए थे आरोपभाजपा नेत्री और खुर्जा महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने अप्रैल माह में भाजपा जिलाध्यक्ष पर (एडीजीसी) सरकारी वकील बनवाने के नाम पर दो लाख रुपये की डिमांड करने का आरोप लगाया। भाजपा नेत्री ने एक वीडियो भी इसके लिए जारी किया था।चोरी की कार के साथ पकड़ा गया था ड्राइवर-अनिल सिसौदिया की कार चालक चार माह पहले चोरी की कार के साथ पकड़ा गया था। आरोप था कि जिलाध्यक्ष ने विधानसभा में टिकट कराने के नाम पर रिश्वत के रूप में स्कार्पियो कार ली थी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष और प्रतिष्ठित चिकित्सक डा. संजीव अग्रवाल ने रिश्वत में कार लेने के आरोप लगाए थे। इस कार के चोरी होने की रिपोर्ट औरंगाबाद के सैदपुरा गांव निवासी अतुल कुमार ने दर्ज कराई थी।

 

Edited By: Taruna Tayal