दिलीप पटेल, मेरठ। Bapu wall painting आपने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की चरखा काटते हुए तस्वीरें तो बहुत देखी होंगी। लेकिन मेरठ के बच्चा पार्क स्थित खादी भंडार की दीवार पर बनाई गई अनूठी वाल पेंटिंग शायद ही देश मे कहीं देखने को मिले। जिसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी कबाड़ से जुगाड़ का संदेश देते नजर आ रहे हैं।

नगर निगम ने किया है तैयार

गौर करने वाली बात ये है कि दो अक्टूबर यानी गांधी जयंती नजदीक है और ऐसे में मेरठ नगर निगम में कबाड़ से जुगाड़ अभियान के तहत इसे तैयार किया है। दीवार पर महात्मा गांधी का चित्र उकेरा गया है और पुराने ठेलों के रिम, पैडिल और चैन से चरखा तैयार किया गया है। जिसे लोहे के एंगल पर दीवार पर ऐसे फिट किया गया है। जिसे देखकर आप कह उठेंगे।

पीएम मोदी कर चुके हैं सराहना

अद्भुत, अकल्पनीय और अविश्वसनीय। ये वाल पेटिंग लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई है। लोग सेल्फी ले रहे हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुछ दिन पहले ही मेरठ नगर निगम के कबाड़ से जुगाड़ अभियान की सराहना मन की बात कार्यक्रम में की है। जिससे मेरठ पूरे देश में सुर्खियों पर रहा। उसी से उत्साहित होकर मेरठ नगर निगम ने यह अनूठी पेंटिंग बनाई है।

महापुरुषों की वाल पेंटिंग बनाई जाएगी

सबसे बड़ी बात ये है कि इसे बनाने में ना तो लाखों रुपए खर्च हुए हैं बल्कि कुछ हजार रुपये में ही इसे तैयार कर लिया गया है। नगर निगम शहर के करीब तीन दर्जन से ज्यादा ऐसे ही स्थान चिन्हित कर रहा है। जहां पर इसी तरह की संदेश देते महापुरुषों की वाल पेंटिंग बनाई जाएगी। कबाड़ से जुगाड़ अभियान का अनूठा प्रयास माना जा रहा है। यहां से गुजरने वाले स्टूडेंट ,बच्चे, महिलाएं आ रहे हैं और बकायदा अपनी सेल्फी लेकर जा रहे हैं।

कुछ अलग हटकर कर रहा नगर निगम

लोग भी मेरठ नगर निगम के प्रयास की जमकर सराहना कर रहे हैं कि देर से ही सही पर नगर निगम अब मेरठ में ऐसे काम कर रहा है जो परम्परागत कामों से अलग हैं। ये काम कहीं ना कहीं बड़ा संदेश देने का काम कर रहे हैं। शहर के गांधी आश्रम चौराहे पर कबाड़ से जुगाड़ अभियान से फाउंटेन, सर्किट हाउस चौराहे पर लाइट ट्री, कमिश्नरी चौराहे पर मिनी व्हील पार्क तैयार किये हैं। पुराने टायरों से पार्क में बैठने के लिए स्टूल, पुराने ड्रमों से स्ट्रीट गमले तैयार किये जा रहे हैं।

निगम के गोदाम में मौजूद कबाड़ का दोबारा उपयोग

ये कबाड़ हो चुकी पुराने हाथ ठेले, टायर, प्लास्टिक वेस्ट, लोहे के एंगल, पोल, रिम, चैन और पैडिल नगर निगम के डिपो से लिये जा रहे हैं। आर्टिस्ट जिन्हें अपनी कला से सुन्दरीकरण के अनुपम उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत कर रहे हैं। कबाड़ हो चुकी चीजे कैसे उपयोग में लाई जा सकती हैं, मेरठ इसका मिसाल बन गया है।

अफसर खुद कर रहे निगरानी

नगर निगम गांधी जयंती के मौके पर यहां पर रंग-बिरंगी लाइटे भी लगाने जा रहा है। ताकि बड़ा संदेश यहां से दिया जा सके। नगर आयुक्त डॉ अमित पाल शर्मा, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार खुद कबाड़ से जुगाड़ अभियान के तहत हो रहे कार्यो की निगरानी कर रहे हैं। इनकी जियो टैगिंग भी की जा रही है। 

Edited By: PREM DUTT BHATT

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट