Asian Para Games 2026: मां को खोया, नाना ने संभाला; अब देश के लिए दौड़कर मेरठ के अनुभव चौधरी ने जीता पदक
मेरठ के अनुभव चौधरी ने एशियन पैरा गेम्स की पुरुषों की 100 मीटर टी-35 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता, 12.72 ...और पढ़ें

100 मीटर दौड़ में अनुभव चौधरी ने जीता कांस्य पदक।
HighLights
अनुभव चौधरी ने एशियन पैरा गेम्स में कांस्य पदक जीता।
पुरुषों की 100 मीटर टी-35 स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल किया।
मेरठ के पैरा एथलीट ने विपरीत परिस्थितियों को हराया।
जागरण संवाददाता, मेरठ। एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा एथलीट अनुभव चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 100 मीटर टी-35 स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। फाइनल में अनुभव ने 12.72 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में ईरान के अलीरेजा जारे ने 12.32 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि इराक के इदरीस अल-जैदी ने 12.69 सेकंड में दौड़ पूरी कर रजत पदक हासिल किया।
अनुभव चौधरी ने फाइनल में दमदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (पीबी) दर्ज किया। वह रजत पदक विजेता इदरीस अल-जैदी से महज 0.03 सेकंड पीछे रहे। इराक के मोहम्मद खलफ 12.73 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे।
दक्षिण कोरिया के पार्क ब्योंग्ग्यू ने 13.71 सेकंड के समय के साथ पांचवां और हांगकांग के बाओ चुई ने 14.96 सेकंड के समय के साथ छठा स्थान हासिल किया।
अनुभव का यह प्रदर्शन भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण रहा। बेहद कड़े मुकाबले में उन्होंने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ पोडियम पर जगह बनाई और देश के लिए कांस्य पदक जीता।
मां को खोया, नाना ने संभाला, अब देश के लिए दौड़ अनुभव चौधरी ने जीता पदक
विपरीत परिस्थितियां अक्सर लोगों के कदम रोक देती हैं, लेकिन कंकरखेड़ा निवासी पैरा धावक अनुभव चौधरी ने इन्हीं मुश्किलों को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। टी-35 यानी सेरेब्रल पाल्सी वर्ग के 100 और 200 मीटर धावक अनुभव आज भारतीय पैरा एथलेटिक्स के उभरते सितारों में शामिल हैं। लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले अनुभव ने एशियन पैरा गेम्स में देश के लिए पदक जीता है।
टी-35 वर्ग के फाइनल में 12.72 सेकंड का समय निकालकर हासिल किया तीसरा स्थान
अनुभव के अनुसार उनके मामा के बेटे ने उन्हें पैरा एथलेटिक्स अपनाने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने कोच गौरव त्यागी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण शुरू किया। पारिवारिक परिस्थितियों के कारण बाद में उन्हें दिल्ली जाना पड़ा, जहां वर्तमान में वे कोच राहुल पंवार की देखरेख में अभ्यास कर रहे हैं। बचपन से ही सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रहे अनुभव का पालन-पोषण उनके नाना विजयपाल सिंह ने किया। उनके पिता अजय चौधरी किसान हैं।
कोरोना काल में हुआ था माता का निधन
माता का निधन कोरोना में हो गया। अनुभव कहते हैं कि परिवार की आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और खेल को ही अपना लक्ष्य बना लिया। महज कुछ वर्षों के भीतर अनुभव ने अपनी मेहनत से राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाई। वह स्टेट चैंपियनशिप, खेलो इंडिया, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, ग्रैंड प्रिक्स और इंडियन ओपन में कई पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
मई 2026 में बेंगलुरु में आयोजित इंडियन ओपन में अनुभव ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने 100 मीटर दौड़ 12.91 सेकंड और 200 मीटर दौड़ 26.87 सेकंड में पूरी करते हुए दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते थे। यही प्रदर्शन उन्हें भारतीय पैरा एथलेटिक्स की मजबूत उम्मीदों में शामिल करता है।
अनुभव की मेहनत पर कोच का भरोसा
कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में अनुभव को शुरुआती दिनों में प्रशिक्षण कराने वाले कोच गौरव त्यागी ने पदक पर खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि अनुभव ने पारिवारिक और आर्थिक दोनों तरह की कठिनाइयों का सामना किया। नोएडा में कैश काउंटर पर काम करने के बावजूद उन्होंने अभ्यास नहीं छोड़ा और समय निकालकर प्रशिक्षण जारी रखा। नौकरी छोड़कर पूरी तरह खेल पर ध्यान दिया और एशियन गेम्स से छह महीने पहले से निरंतर प्रशिक्षण कर रहे हैं। उनका मानना है कि अनुभव का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है और उनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की क्षमता है।
