मेरठ,जेएनएन। कुख्यात बदमाश सोनू की जमानत कराने आए फर्जी जमानती को सेंशन कोर्ट एवं एडीजे पोक्सो थर्ड की कोर्ट में पकड़ लिया गया। दोनों आरोपितों को पुलिस के हवाले कर दिया है। जाच की जा रही है कि किस अधिवक्ता की तरफ से हापुड़ कोतवाली की फर्जी मुहर बनाकर जमानतदारों का वेरीफिकेशन किया गया था।

दौराला थाने से 2013 में लूट के आरोप में कुख्यात बदमाश सोनू पुत्र रामकिशन को जेल भेजा गया था। सेशन एवं एडीजे पोक्सो थर्ड कोर्ट में मुकदमे का ट्रायल चल रहा था। सोनू की जमानत के लिए भी अर्जी डाली गई थी। दो जमानतदार हरकेश पुत्र दासी और कैलाश पुत्र मूलचंद निवासी सरावा हापुड़ ने जमानत के लिए एडीजे पोक्सो थर्ड स्नेहलता की कोर्ट में अर्जी लगाई। एडीजे को शक हुआ कि दोनों जमानती फर्जी हैं, उन्होंने हापुड़ कोतवाली में तैनात दारोगा अमित कुमार की रिपोर्ट लगा रखी थी, जिसमें दर्शाया गया था कि कोतवाली हापुड़ पर तैनात दारोगा अमित कुमार की तरफ से जमानतियों के नाम और पते तस्दीक किए गए हैं, जो सही पाए गए है। शक के आधार पर एडीजे स्नेहलता ने एसएसपी प्रभाकर चौधरी से बात की। उन्होंने कैलाश और हरकेश की जाच कराने के लिए सीओ दौराला को आदेश दिया। सीओ दौराला ने कोतवाली के इंस्पेक्टर से सीयूजी नंबर पर बातचीत की। जाच में सामने आया कि हापुड़ कोतवाली में अमित कुमार नाम का कोई दारोगा तैनात नहीं है। सीओ की जाच रिपोर्ट आने के बाद एडीजे कोर्ट में हरकेश और कैलाश को बैठा लिया गया। कोर्ट मोहर्रिर सचिन कुमार, आकाश अग्रवाल और पंकज की तरफ से सिविल लाइन पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस दोनों आरोपितों को थाने ले आई है। दोनों से थाने में पूछताछ की जा रही है। इंस्पेक्टर अब्दुर रहमान का कहना है कि दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। साथ ही कुख्यात सोनू की जमानत भी निरस्त कर दी गई है।

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