मेरठ,जेएनएन। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक बेहतर बनाने का प्रयास लगातार जारी है। ऐसे में गांव-देहात की सीएचसी और पीएचसी को अधिक बेहतर बनाया जा रहा है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर कार्य भी शुरू कर दिया गया है। योजना पर करीब नौ करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा।

कोरोना संक्रमण की पहली लहर का सबसे अधिक असर शहर कस्बों तक रहा, गांवों में काफी कम संख्या में संक्रमित मरीज सामने आए थे। संक्रमण की दूसरी लहर में वायरस का प्रसार गांवों की गलियों तक पहुंचा और बड़ी संख्या में मरीज सामने आए। हालांकि गांव-देहात के लोगों की मजबूर इच्छा शक्ति और प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होने के कारण यहां मौत का आंकड़ा कम ही रहा। अब कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में तीसरी लहर से पहले स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का हर स्तर पर जोर है। सबसे अधिक जोर गांव-देहात के क्षेत्रों में मौजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की सूरत बदलने पर है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर कार्य भी शुरू कर दिया गया है। प्रस्ताव पर नौ करोड़ का बजट खर्च किया जाएगा। यहां लग रहे प्लांट

आक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए इस बार पहले से ही तैयारी की जा रही है। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के साथ मवाना, दौराला, किठौर, खरखौदा, रोहटा, परीक्षितगढ़, हस्तिनापुर सामुदायिक केंद्रों के साथ मेडिकल कालेज में भी आक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। ऐसे बढ़ेगी सुविधा

- स्वास्थ्य केंद्र का संपर्क मार्ग की होगी मरम्मत।

- वाटर कूलर के साथ सोलर लाइन लगाई जाएंगी।

- रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाएं जाएंगे।

- स्वास्थ्य केंद्र पर आक्सीजन प्लांट लगाएं जाएंगे।

- स्वास्थ्य संबंधित संसाधनों में की जाएगी वृद्धि।

- तीमारदारों के आराम के लिए बनेगा अलग शेड।

- रंगाई-पुताई के साथ परिसर का होगा सौंदर्यीकरण। इन्होंने कहा-

सीएचसी और पीएचसी केंद्रों पर सुविधाओं का विस्तार करने के साथ संसाधन भी बढ़ाए जा रहे हैं। प्रस्ताव तैयार कर कार्य भी शुरू करा दिया गया है।

-शशांक चौधरी, सीडीओ

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