मेरठ: सुशीला जसवंत राय अस्पताल के सामने स्थित कियोस्क तोड़ने और बेदखली पर हाई कोर्ट की रोक
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मेरठ के सुशीला जसवंत राय अस्पताल के सामने स्थित एक कियोस्क को ध्वस्त करने और आवंटी ...और पढ़ें
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इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कियोस्क ध्वस्तीकरण पर रोक लगाई।
मेरठ के सुशीला जसवंत राय अस्पताल के सामने का मामला।
बिना नोटिस बेदखली के खिलाफ याचिका पर सुनवाई।
विधि संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मेरठ के सुशीला जसवंत राय अस्पताल के सामने स्थित एक दुकान/कियोस्क को ध्वस्त करने और आवंटी को बेदखल करने पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने यह अंतरिम आदेश ब्रजमोहन की याचिका पर पारित किया।
याची अधिवक्ता सुनील चौधरी का कहना है कि बिना कोई लिखित नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए उन्हें बेदखल करने की धमकी दी जा रही है। साथ ही दुकान तोड़ने का भी खतरा है। उन्हें कोई वैकल्पिक स्थान आवंटित नहीं किया गया है, जबकि दुकान तोड़ने और कब्जा हटाने की कार्रवाई की तैयारी है।
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कोर्ट ने कार्रवाई पर रोक लगाते हुए सरकारी वकील से जानकारी मांगी है। याचिका की अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी। कोर्ट ने आदेश की प्रति 24 घंटे के भीतर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मेरठ के माध्यम से नगर निगम के चेयरमैन और उप संपत्ति अधिकारी को भेजने का आदेश दिया।