बागपत, जेएनएन। चौ. अजित स‍िंह का गांव रटौल से भी विशेष लगाव रहा है। रटौल में शादी हो या फिर आम की दावत निमंत्रण मिलते ही छोटे चौधरी अन्य कामकाज छोड़कर पहुंच जाते थे।

रालोद सुप्रीमो चौ. अजित स‍िंह का लोगों से अलग ही लगाव था। कार्यकर्ताओं के यहां शादी हो या फिर रटौल में आम की दावत। जैसे ही न्यौता मिला, चौधरी साहब कामकाज छोड़कर शामिल होने पहुंचते थे। इतना ही नहीं कार्यकर्ता बताते हैं कि शादी में परिवार के एक सदस्य की भांति रस्मों में भी निभाते थे। 1991 में कंवल स‍िंह के परिवार की शादी में अजित सिंह शामिल हुए थे। उधर रटौल गांव में आम की दावत के दौरान ग्रामीणों से उनका गहरा लगाव रहा। छोटे चौधरी की पुरानी फोटो देखकर कार्यकर्ताओं के आंखों से आंसू नहीं रुक पा रहे थे। कार्यकर्ताओं ने बताया कि जो प्यार चौधरी साहब से उन्हें मिला कोई अन्य नेता नहीं दे पाएगा।

प्रदेश सरकार में बनवाया था कैबिनेट मंत्री

चौ. अजीत स‍िंह के निधन से प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में शोक छाया है। रालोद वरिष्ठ नेता व पूर्व स‍िंचाई मंत्री डा. मैराजुद्दीन ने दुखी मन से बताया कि मुरादनगर में एक सभा में चौधरी साहब ने उसने बात की। कहा कि उनका पार्टी में डिमोशन किया जा रहा है। उन्होंने चौधरी साहब के हर निर्णय को मानने की बात कही। सभा से दिल्ली पहुंचते ही छोटे चौधरी ने उन्हें उत्तर प्रदेश का अध्य़क्ष व आयात निर्यात का चेयरमैन बनाया था। कुछ समय बाद वह रटौल में कुश्ती देख रहे थे। इसी दौरान चौधरी साहब ने दिल्ली बुलवाया और उन्हें हवाई जहाज से लखनऊ भेज प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री पद दिलाया। चौधरी साहब से जो प्यार व सम्मान मिला उसे कभी भूल नहीं पाएंगे।