Agniveer Service Extended: अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ने पर युवाओं में उत्साह, स्थायी सेवा की उम्मीद जगी
Agniveer Service Extended: अग्निवीर योजना में सेवा अवधि चार से छह साल करने पर पूर्व सैन्य अधिकारियों और युवाओं ने ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
पूर्व सैन्य अधिकारियों ने फैसले को सेना और अग्निवीरों के हित में बताया।
युवाओं ने कहा-देश सेवा का अवसर मिले अधिक समय तक, स्थायी भर्ती की व्यवस्था भी हो।
जागरण संवाददाता, मेरठ। अग्निवीर योजना के तहत सेवा अवधि चार से बढ़ाकर छह साल किए जाने के फैसले को लेकर पूर्व सैन्य अधिकारियों और सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं का मानना है कि यह बदलाव सकारात्मक दिशा में उठाया गया कदम है। इससे सेना को प्रशिक्षित जवानों का अनुभव अधिक समय तक मिलेगा और युवाओं को भी देश सेवा का अतिरिक्त अवसर प्राप्त होगा।
युवाओं की प्रमुख अपेक्षा है कि छह साल की सेवा के बाद उनके लिए स्थायी नियुक्ति का रास्ता भी स्पष्ट और आसान बनाया जाए। अभ्यर्थियों और प्रशिक्षकों ने सरकार से योजना में आगे भी सुधार करते हुए अधिक से अधिक युवाओं को नियमित सैनिक बनने का अवसर देने की मांग की है।
इसमें सेना, अग्निवीरों और देश तीनों का हित
स्क्वाड्रन लीडर क्षितिज कुमार ने कहा कि अग्निवीर योजना की असली परीक्षा दो स्तरों पर होनी थी। पहला, चार साल बाद बड़ी संख्या में प्रशिक्षित जवानों के सेवा से बाहर होने पर तीनों सेनाएं उनकी कमी कैसे पूरी करेंगी। दूसरा, सेवा समाप्त होने के बाद अग्निवीरों का समाज में किस तरह पुनर्वास और समायोजन होगा।
उनके अनुसार तीनों सेनाओं में इस समय करीब 3.18 लाख अग्निवीर सेवा दे रहे हैं और इसी वर्ष इनमें से लगभग 75 प्रतिशत यानी 2.38 लाख जवानों की सेवा अवधि पूरी होने वाली थी। आधुनिक सेनाओं में तकनीकी प्रशिक्षण पर काफी समय और संसाधन खर्च होते हैं। ऐसे में चार साल की सेवा इस निवेश की पूरी भरपाई नहीं कर पाती।
उन्होंने कहा कि सरकार और सीडीएस पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि योजना का आकलन किया जा रहा है। सेवा अवधि दो साल बढ़ाना इसी समीक्षा का परिणाम है। यह अच्छा कदम है और इसमें सेना, अग्निवीरों और देश तीनों का हित है।
समय की मांग का राजनैतिक दांव
सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल अमरदीप त्यागी ने सेवा अवधि बढ़ाने के फैसले का विश्लेषण करते हुए स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि छह साल तक सेवा देने के बाद भी युवाओं को नियमित सैनिक बनने के लिए चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा, जबकि उनके भविष्य को लेकर अधिक स्पष्टता होनी चाहिए। उन्होंने अग्निपथ योजना के तहत पेंशन संबंधी लाभों के अभाव और सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार यह फैसला युवाओं की नाराजगी कम करने के साथ-साथ सेना की जरूरतों और सीमा पर सैन्य परिस्थितियों से भी जुड़ा हो सकता है। हालांकि, चीन के साथ तनाव को फैसले का कारण मानना उनका व्यक्तिगत आकलन है।
अधिक मिले देश सेवा का मौका
भगत सिंह एकेडमी पुट्ठा कुंडा के संचालक सचिन भाटी ने कहा कि सेवा अवधि छह साल होने से भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं में पहले के मुकाबले उत्साह बढ़ेगा। उनका मानना है कि देश के लिए सेना में सेवा करने का अवसर चार या छह साल तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला अच्छा है।
25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल करने की व्यवस्था भी सकारात्मक है। लेकिन युवाओं की इच्छा है कि हर खिलाड़ी और युवा को अधिक से अधिक वर्षों तक देश की सेवा करने का मौका मिले। जो युवा छह साल बाद नियमित नहीं हो पाते, उनके भविष्य को लेकर भी सरकार को ठोस व्यवस्था करनी चाहिए।
न्यूनतम 15 से 20 वर्ष मिले सेवा का अवसर
गढ़मुक्तेश्वर निवासी खिलाड़ी इंदरजीत सरदार अग्निवीर और टेरिटोरियल आर्मी की भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवा अवधि बढ़ना राहत की बात है, लेकिन युवाओं की अपेक्षा इससे कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि छह साल बाद युवा क्या करेगा और कहां जाएगा, यह सबसे बड़ा सवाल है।
मेरी इच्छा है कि सेना में सेवा का अवसर 15 से 20 साल का होना ही चाहिए, तभी युवा अपने भविष्य को सुरक्षित मान सकेंगे और पूरी लगन से देश की सेवा कर पाएंगे। सरकार युवाओं की भावनाओं और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था बनाए, जिससे सेना में भर्ती होने का उत्साह फिर बढ़े और अधिक से अधिक युवा पूरे आत्मविश्वास के साथ देश सेवा के लिए आगे आएं।
समय बढ़ाना अच्छा है पर फिर से भर्ती की तैयारी कठिन होगी
सैदपुर के अभ्यर्थी हिमांशु ने भी स्थायी भर्ती की व्यवस्था को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि चार साल की जगह छह साल होना अच्छी बात है, लेकिन इसके बाद युवाओं के सामने फिर भविष्य की चिंता खड़ी हो जाएगी। छह साल में उम्र निकलने के बाद दूसरी नौकरी या भर्ती की तैयारी करना आसान नहीं होता। इसलिए सेना की नौकरी पहले की तरह नियमित और स्थायी होनी चाहिए, जिससे युवाओं को लंबे समय तक देश की सेवा करने का अवसर मिल सके। अग्निवीर योजना को पूरी तरह नकारने के बजाय उसमें जरूरी सुधार किए जाने चाहिए। सरकार की ओर से मिलने वाली सेवा निधि युवाओं के लिए आर्थिक सहायता है, लेकिन उनके करियर की दीर्घकालिक सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
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