विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 29, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Action Against Terrorism : सहारनपुर के देवबंद से दारूल उलूम का छात्र गिरफ्तार, देश विरोधी गतिविधियों में है लिप्‍त

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Fri, 29 Apr 2022 09:57 AM (IST)Updated: Fri, 29 Apr 2022 03:47 PM (IST)

Action Against Terrorism बांग्लादेश का मूल निवासी छात्र फर्जी कागजात की मदद से दारूल उलूम में प्रवेश लेने में सफल ...और पढ़ें

देवबंद के दारुल उलूम से गिरफ्तार छात्र
देवबंद के दारुल उलूम से गिरफ्तार छात्र

सहारनपुर, जागरण संवाददाता। सहारनपुर के देवबंद स्‍थित दारुल उलूम से गुरुवार की देररात यूपी एटीएस ने एक संदिग्ध बांग्‍लादेशी छात्र को दबोचा है। इसके पास से पैन कार्ड, आधार कार्ड,  बांग्‍लादेशी मुद्रा सहित कई दस्‍तावेज बरामद हुए हैं। यूपी एटीएस से प्रेस नोट जारी इस संबंध में और जानकारी भी दी है।

उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम ने देवबंद के दारूल उलूम में रह रहे एक संदिग्ध को दबोचा है। एटीएस की टीम की गिरफ्त में आया तलहा बांग्लादेश का बताया जा रहा है जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर देवबंद में रहकर दारुल उलूम के मदरसे में ही आठवीं में पढ़ रहा था। एटीएस ने मिली सूचना पर छापामारी कर कमरा नंबर 61 से तलहा को गिरफ्तार किया है। तलहा बीते पांच वर्ष से देवबंद में फर्जी आइडी बनाकर रह रहा था। इस प्रकरण पर दारुल उलूम प्रबंधन संस्था में किसी तरह की कार्रवाई से इन्कार कर रहा है। दारुल उलूम के कार्यवाहक मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी का कहना है कि किसी तरह की कोई गिरफ्तारी संस्था से नहीं हुई है। बहरहाल, तलहा की गिरफ्तारी की पुष्टि एटीएस ने प्रेस नोट जारी कर की है। तलहा के पास से भारत में बना आधार कार्ड, पैन कार्ड भी बरामद हुआ है। तलाशी में उसका बांग्लादेशी पासपोर्ट मिला जिसके बाद उसने स्वीकारा कि वह चटगांव से आया है।

देश विरोधी गतिविधियों में लिप्‍त : गिरफ्तार किया गया छात्र पाकिस्तान में ट्रेनिंग कर चुका है। पकड़े गए छात्र का नाम तलहा तालुकदार बिन फारुख पुत्र फखरुज्जमा है। यह छात्र मूल रूप से बांग्‍लादेश का है। जांच अधिकारी इससे और भी पूछताछ कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर दारुल उलूम के कार्यवाहक मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी का कहना है कि किसी तरह की कोई गिरफ्तारी संस्था से नहीं हुई है। एटीएस के अनुसार जांच में यह छात्र देश विरोधी गतिविधियों में लिप्‍त पाया गया है। इस संबंध थाना देवबंद में भी छात्र के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

दारुल उलूम का छात्र है आरोपित : यूपी एटीएस ने गुरुवार देर रात नगर में छापामारी की और संदिग्ध बांग्लादेशी को गिरफ्तार किया। सूत्रों की माने तो पकड़े गए बांग्लादेशी का नाम तलहा है और वह पिछले पांच सालों से देवबंद में फर्जी आईडी बनाकर रह रहा था और किसी मदरसे में तालीम ले रहा था। चर्चा है कि एटीएस ने जिस बांग्लादेशी को गिरफ्तार किया है वह दारुल उलूम का छात्र है। हालांकि दारुल उलूम प्रबंधन संस्था में किसी तरह की कोई छापामार कार्रवाई से इनकार कर रहा है।

संस्‍था ने नहीं किसी की गिरफ्तारी : दारुल उलूम के कार्यवाहक मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी का कहना है कि किसी तरह की कोई गिरफ्तारी संस्था से नहीं हुई है। बहरहाल एटीएस संदिग्ध से पूछताछ में लगी है और सूत्रों की माने तो उसके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज भी मिले हैं। हालांकि इस संबंध में स्थानीय पुलिस अधिकारी यह एटीएस के अधिकारी अभी कुछ भी नहीं कह रहे हैं।

फर्जी कागजात की मदद से लिया प्रवेश : बांग्लादेश का मूल निवासी छात्र फर्जी कागजात की मदद से दारूल उलूम में प्रवेश लेने में सफल रहा था। देवबंद के दारुल उलूम से गिरफ्तार यह छात्र पाकिस्तान में ट्रेनिंग कर चुका है। तड़के गिरफ्त में आए इस छात्र से और पूछताछ जारी है। माना जा रहा है कि बांग्लादेश का यह छात्र 2014 से सहारनपुर में था और फिर फर्जी दस्तावेजों की मद से दारूल उलूम देवबंद में प्रवेश पा गया। यह यहां पर फर्जी दस्तावेज लगातार पढ़ाई कर रहा था। इसके संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने की भनक लगते ही एटीएस की टीम सक्रिय हो गई। इसके पास मिले फर्जी दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। यह यहां पर 2015 से रह रहा था। इसकी गतिविधियां बीते दो-तीन वर्ष से कुछ संदिग्ध थीं।

देवबंद से पहले भी पकड़े गए बांग्‍लादेशी : सहारनपुर के देवबंद में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी को पकड़े जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी कई बार यहां से बांग्लादेशी पकड़े जाते रहे हैं वर्ष 2018 में भी यहां से पांच बांग्लादेशी पकड़े गए थे जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर देवबंद में रह रहे थे तथा अलग-अलग मदरसों में पढ़ाई कर रहे थे।