मेरठ, जेएनएन। मीठा हर किसी को पसंद है, लेकिन हर मिठास की कुछ खास बात होती है। एक ही चीज से कई तरह की मिठास निकलती है। गन्‍ने से चीनी, खाड़ और गुड़ तीनों चीजें बनती है। इसमें अगर गुड़ की बात कहें तो यह सबसे उपयोगी है। योग गुरु स्‍वामी कर्मवीर महाराज के अनुंसार गुड़ को सात्‍विक गुणों के अंतर्गत माना जाता है।

स्‍वामी कर्मवीर महाराज का कहना है कि गुड़ शरीर में बढ़ी हुई वायु को खत्‍म करता है। शरीर में वायु की मात्रा बढ़ने की वजह से कई तरह की बीमारी हो जाती है। उससे बचाव के लिए गुड़ का प्रयोग करना चाहिए। इसके अलावा मूत्र के अंदर कई तरह के विषाक्‍त तत्‍वों को बाहर करने के लिए गुड़ उपयोगी है।

ऐसे तत्‍व किडनी के लिए बहुत घातक होते हैं। गुड़ खाने से किडनी से सारे विषाक्‍त चीजें बाहर हो जाती हैं। वह कहते हैं कि जो लोग शारीरिक रूप से कमजोर होते हैं, वह अगर अपने खाने में थोड़ा - थोड़ा गुड़ का प्रयोग करें तो शरीर की कमजोरी भी दूर हो सकती है। वजन बढ़ाने के लिए भी गुड़ का उपयोग किया जा सकता है। स्‍वामी कर्मवीर महाराज का कहना है कि गुड़ कफवर्धक भी है। शरीर में अगर कफ बढ़ गया है तो इसका सेवन नहीं करना चाहिए। इससे नुकसान हो सकता है। अधिक गुड़ खाने से शरीर में कृमि भी बढ़ सकती है। इसलिए बहुत अधिक गुड़ का सेवन नहीं करना चाहिए।

Edited By: Taruna Tayal